Home उत्तर प्रदेश प्रदीप सिंह जिनके नाम से थर-थर कांपते हैं अपराधी

प्रदीप सिंह जिनके नाम से थर-थर कांपते हैं अपराधी

MIRZAPUR NEWS: (अमरेश चन्द्र पाण्डेय)  आज पुलिस महकमे में तमाम ऐसे भ्रष्ट पुलिस कर्मी भरे पड़े हैं जो महकमे की पवित्र मर्यादा पर बदनुमा दाग तो हैं ही साथ ही वे महकमें की अंतड़ी के कीड़े है जो महकमें को अन्दर ही अन्दर खोखला कर रहे हैं। वहीं तमाम ऐसे पुलिस कर्मी हैं जो सुरक्षा के सजग प्रहरी हैं और अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा वीरता, शौर्य एवं पराक्रम से विभाग का न केवल मस्तक ऊंचा किये है बल्कि यह कहा जाय कि ऐसे ही निष्ठावान पुलिस कर्मियों के बल पर महकमें का वजूद टिका है तो अतिशयोक्ति नहीं होगा। कर्मठ, ईमानदार, अत्यन्त सहज, मृदुभाषी, पुलिस कर्मियों की चर्चा की जाय तो उस कड़ी में एक और नाम’ जुड़ता है प्रदीप सिंह का, जो जनपद पड़री थाने पर थानाध्यक्ष हैं। वे गरीबों, निर्वलों की पीड़ा को, अपनी पीड़ा समझकर कार्य करते हैं। कोई भी पीड़ित निर्भय होकर उन्हें अपनी पीड़ा सुना सकता हैं। सहजता और सरलता इतनी कि उनके अन्दर रंच मात्र भी पुलिसिया ओवर एक्टिंग नहीं है। अपराधी उनके नाम से कांपते हैं। जहां एक ओर निर्मलों, पीड़ितों के लिये सहज, सरल है तो वहीं, अपराधियों शोहदों व शांति व्यवस्था भंग करने वालों के लिये वे काल के समान हैं। गलत लोगों को वे कतई पसन्द नहीं करते और क्रोध आ जाने पर वे यमराज को भी ललकार सकते हैं। किसी भी फरियादी से सम्मान पूर्वक बैठाकर वे उस‌की बातों को पूरी तरह सुनते है एवं उसकी समस्याओं का तत्काल निराकरण करते है। वे उच्च अधिकारियों की इस हिदायत को अपने हृदय में ‘मंत्र’ की तरह संजो कर रखे है कि जनता के साथ पुलिस कर्मियों का व्यवहार भगवान शंकर की तरह होने चाहिए। अपराधियों आतताईयों के दमन के लिए उनके एक हाथ में शस्त्र हो तो गरीबों, दलितों वंचितों एवं पीड़ितों की सुरक्षा के लिए उनके दूसरे हाथ में दया का भाव भी अवश्य होना चाहिए। संयोग से वे भोलेनाथ के अनन्य भक्त भी है।