Home आस्था प्रतापगढ़ जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में वीर बालक दिवस मनाया गया

प्रतापगढ़ जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में वीर बालक दिवस मनाया गया

PRATAPGARH NEWS: शनिवार को जिलाधिकारी महोदय प्रतापगढ़ श्री शिव सहाय अवस्थी आईएएस, मुख्य विकास अधिकारी प्रतापगढ़ डॉ दिव्या मिश्रा आईएएस व जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतापगढ़ श्री ओमकार राणा के आदेशानुसार जनपद प्रतापगढ़ के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में वीर बालक दिवस मनाया गया. राजकीय उमावि सराय आनादेव प्रतापगढ़ में प्रधानाचार्य डॉ विंध्याचल सिंह के निर्देशन व अनिल कुमार प्रवीण कुमार सिंह संतोष कुमार शुक्ला विनोद कुमार आदि के संयोजन में प्रार्थना स्थल पर सभी विद्यार्थियों को वीर बालक दिवस के बारे में बताया गया तथा इसके महत्व के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई.आज दिनांक 20.12.2025 को जिलाधिकारी महोदय प्रतापगढ़ शिव सहाय अवस्थी आईएएस, मुख्य विकास अधिकारी प्रतापगढ़ डॉ दिव्या मिश्रा आईएएस व जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतापगढ़ श्री ओमकार राणा के आदेशानुसार जनपद प्रतापगढ़ के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में वीर बालक दिवस मनाया गया. राजकीय उमावि सराय आनादेव प्रतापगढ़ में प्रधानाचार्य डॉ विंध्याचल सिंह के निर्देशन व अनिल कुमार प्रवीण कुमार सिंह संतोष कुमार शुक्ला विनोद कुमार आदि के संयोजन में प्रार्थना स्थल पर सभी विद्यार्थियों को वीर बालक दिवस के बारे में बताया गया तथा इसके महत्व के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई.आज दिनांक 20.12.2025 को जिलाधिकारी महोदय प्रतापगढ़ श्री शिव सहाय अवस्थी आईएएस, मुख्य विकास अधिकारी प्रतापगढ़ डॉ दिव्या मिश्रा आईएएस व जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतापगढ़ श्री ओमकार राणा के आदेशानुसार जनपद प्रतापगढ़ के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में वीर बालक दिवस मनाया गया. राजकीय उमावि सराय आनादेव प्रतापगढ़ में प्रधानाचार्य डॉ विंध्याचल सिंह के निर्देशन व अनिल कुमार प्रवीण कुमार सिंह संतोष कुमार शुक्ला विनोद कुमार आदि के संयोजन में प्रार्थना स्थल पर सभी विद्यार्थियों को वीर बालक दिवस के बारे में बताया गया तथा इसके महत्व के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई तथा बताया गया कि गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्रों को चार साहिबजादे कहा जाता है, जिन्होंने धर्म और न्याय के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी: अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह; बड़े साहिबजादे चमकौर के युद्ध में लड़ते हुए शहीद हुए, जबकि छोटे साहिबजादों को मुगलों ने जिंदा दीवार में चुनवा दिया, उनकी शहादत सिख इतिहास में अद्वितीय मानी जाती है और हर साल 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है.
चारों साहिबजादों का परिचय: बाबा अजीत सिंह: गुरु गोबिंद सिंह जी के सबसे बड़े पुत्र (जन्म 1687), जिन्होंने चमकौर के युद्ध (1705) में वीरता से लड़ते हुए शहादत प्राप्त की. बाबा जुझार सिंह: दूसरे पुत्र (जन्म 1691), जो अपने बड़े भाई के साथ चमकौर के युद्ध में शहीद हुए. बाबा जोरावर सिंह: तीसरे पुत्र (जन्म 1696), जिन्हें सरहिंद के नवाब ने अपने धर्म पर अडिग रहने के लिए जिंदा दीवार में चुनवा दिया.
बाबा फतेह सिंह: सबसे छोटे पुत्र (जन्म 1699), जो जोरावर सिंह के साथ धर्म के लिए बलिदान हो गए.
उनकी शहादत और महत्व:
इन चारों ने अपने धर्म और सिद्धांतों पर अटल रहते हुए, इस्लाम कबूल करने के बजाय सर्वोच्च बलिदान दिया.
छोटे साहिबजादों को सरहिंद के नवाब वज़ीर खान ने कैद किया और क्रूरतापूर्वक दीवार में चुनवा दिया, लेकिन वे अपने विश्वास से नहीं डिगे.
उनकी शहादत ने औरंगजेब के जबरन धर्मांतरण के इरादों को विफल कर दिया और सिख कौम को प्रेरित किया.
    इसी प्रकार शंकर विद्यालय इंटर कालेज कटैया प्रतापगढ़ में प्रधानाचार्य डॉ राघवेंद्र कुमार पाण्डेय के निर्देशन में, पीबी इंटर कालेज प्रतापगढ़ सिटी प्रतापगढ़ में प्रधानाचार्य डॉ अनूप कुमार सिंह के निर्देशन में,एस एस पटेल इंटर कालेज संसरियापुर प्रतापगढ़ में प्रधानाचार्य पीएस पटेल के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किया गया।