Home उत्तर प्रदेश पेंशन बचाओ आंदोलन की हुई शुरुआत, सरकार से पेंशन पुनरीक्षण शामिल करने...

पेंशन बचाओ आंदोलन की हुई शुरुआत, सरकार से पेंशन पुनरीक्षण शामिल करने की मांग

प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा
JALAUN NEWS: सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष हरगोविन्द दयाल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शनिवार को विकास भवन स्थित कर्मचारी परिषद कार्यालय में एक आमसभा आयोजित की गई। सभा में केंद्र सरकार से मांग की गई कि आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में पेंशन पुनरीक्षण और पेंशनरों से जुड़ी समस्याओं को शामिल किया जाए।सभा का संचालन कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अंगद सिंह राजावत ने किया। महिला पदाधिकारी प्रभा शुक्ला, राजेश कुमारी श्रीवास्तव, हेममाला, स्नेहलता मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने केंद्र सरकार की पेंशन नीतियों को पेंशनरों के हितों के विरुद्ध बताया और कहा कि बुंदेलखंड की महिलाएं अपनी पेंशन बचाने के लिए संघर्ष के लिए तैयार हैं।कार्यक्रम में वक्ताओं अंगद सिंह राजावत, मान सिंह लोधी, रामेश्वर दयाल कुशवाहा और अन्य नेताओं ने कहा कि आठवें वेतन आयोग से ओल्ड पेंशन धारकों के पेंशन पुनरीक्षण का बिंदु हटाना करोड़ों पेंशनरों के साथ अन्याय है। इस मुद्दे पर प्रदेश भर में पेंशन बचाओ आंदोलन शुरू कर कैन्डिल मार्च निकालकर कलैक्ट्रेट परिसर पहुंचकर नारेबाजी करतं हुए  जिलाध्यक्ष हरगोविन्द दयाल श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पेंशनरों के संचित फंड को लेकर पारदर्शी नहीं रहती तो देशभर के पेंशनर्स एक व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।सभा के बाद विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक सैकड़ों कर्मचारियों व पेंशनरों ने कैन्डिल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस अवसर पर अम्बिका प्रसाद राजपूत, डॉ. रामप्रकाश द्विवेदी, राजेश कुलश्रेष्ठ, अनिल कुमार श्रीवास्तव, हरीराम ओमरे, डा. वीरेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।