Home उत्तर प्रदेश पुल निर्माण में धांधली पर डीएम का रौद्र रूप

पुल निर्माण में धांधली पर डीएम का रौद्र रूप

इंजीनियर-ठेकेदार को मिली कड़ी चेतावनी, साइड रोड न बनाने पर फटकार

JALAUN NEWS: कोच रोड पर सुहाग महल के पास बन रहे पुल (लघु सेतु) के निर्माण में हो रही धांधली पर शुक्रवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय का कड़ा रुख देखने को मिला। डीएम ने मौके पर पहुँचकर न सिर्फ निर्माण कार्य का जायजा लिया बल्कि लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों और ठेकेदार को जेल भेजने की चेतावनी भी दी। दरअसल, फरवरी माह में ब्रिटिशकालीन पुल को ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा साइड रोड या अस्थायी पुल नहीं बनाया गया। इससे बस स्टैंड, श्मशान घाट और सैकड़ों गांवों को जोड़ने वाला उरई-कोंच मार्ग लंबे समय से बाधित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इंजीनियर और ठेकेदार जानबूझकर पुल को नीचा बनाकर आवागमन प्रभावित करने की साजिश कर रहे थे।
संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जब पुल को नीचा करने का विरोध किया तो ठेकेदार और इंजीनियरों ने उन पर मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी तक दे डाली। इससे आक्रोशित व्यापारियों और आम नागरिकों ने संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में आवाज बुलंद की। डीएम राजेश पाण्डेय ने मौके पर पहुँचकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त लहजे में फटकार लगाई और निर्देश दिया कि तत्काल साइड रोड/अस्थायी पुल का निर्माण किया जाए। साथ ही पुल को ऊँचा करने और निर्माण कार्य में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। डीएम की चेतावनी के बाद सहायक अभियंता और ठेकेदार के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ गईं।जिलाधिकारी की कार्रवाई से संघर्ष मोर्चा और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। उन्होंने “डीएम जिंदाबाद” के नारे लगाए। अब निर्माण संस्था द्वारा अस्थायी पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे आने वाले दिनों में फिर से इस प्रमुख मार्ग पर आवाजाही सुचारु होने की उम्मीद है।