Home उत्तर प्रदेश परोपकार ही मानव सबसे बड़ा धर्म,श्याम सुंदर जी महाराज

परोपकार ही मानव सबसे बड़ा धर्म,श्याम सुंदर जी महाराज

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बारा। प्रयागराज  बारा क्षेत्र के सरसेंडी में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के चौथे दिवस पर कथावाचक श्यामसुंदर जी महाराज ने मानव जीवन को सर्वोत्तम बताते हुए कहा कि मानव का सबसे बड़ा धर्म परोपकार है। उन्होंने शास्त्र का निरूपण करते हुए कहा कि प्राणी मात्र को अपने जीवन काल मे इतना सत्कर्म कर लेना चाहिये कि उसे अंत समय मे ईश्वर के दर्शन स्मरण और चिंतन का ज्ञान रहे। यही मानव तन की सार्थकता है। मानव को ऋण मुक्त होने के लिए गृहस्थ जीवन की आवश्यकता होती है। चारों आश्रमों में गृहस्थ जीवन सबसे महत्वपूर्ण बताया। गृहस्थ आश्रम से ही चारों आश्रमों का पालन होता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान तेज नारायण द्विवेदी एवम पत्नी सहित श्यामनारायण द्विवेदी, बिपिन बिहारी द्विवेदी, सुभाषचंद्र द्विवेदी, इंद्रभूषण द्विवेदी, राजीव द्विवेदी, रविन्द्र द्विवेदी, प्रतुल द्विवेदी, संदीप द्विवेदी, विनय द्विवेदी, सतीश द्विवेदी, रामसागर द्विवेदी, सुमन्त भार्गव, अंश द्विवेदी, अनुराग मिश्रा, सच्ची द्विवेदी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मनोज कुमार बिन्द