LAKHIMPUR KHERI NEWS: मैगलगंज अगेती गन्ना प्रजाति को-0238, 0118 के जनक एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बक्शी राम ने मंगलवार को अजबापुर चीनी मिल के मैगलगंज रीजन का व्यापक क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से गन्ना उत्पादन की नवीन तकनीकों, सहफसली खेती एवं रोग प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।डॉ. बक्शी राम ने हरनहा गांव में किसान ब्रजेश सिंह तथा बांदूखेड़ा में किसान बलजीत सिंह तथा जसविन्द्र सिंह के खेतों का निरीक्षण किया, जहां गन्ने की लाइन से लाइन की दूरी 5 फीट रखते हुए आलू की सहफसल ली जा रही थी। इस उन्नत खेती पद्धति को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने कठकोरवा, बररैया, छत्तापुर एवं पिपरीअजीज गांवों में स्थापित प्रदर्शन प्लाट, सीड प्लाट तथा शरदकालीन गन्ना बुवाई प्लाटों का भी अवलोकन किया।
इसी क्रम में छत्तापुर गांव में एक फील्ड डे का आयोजन प्रगतिशील किसान ज्योति प्रकास सिंह के शरद कालीन प्रदर्शन प्लाट पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। फील्ड डे को संबोधित करते हुए डॉ. बक्शी राम ने किसानों से को-0238 प्रजाति को रेड रॉट रोग से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि बुवाई से पूर्व 1 ग्राम प्रति लीटर हेक्सास्टाप का घोल बनाकर दो आंख वाले गन्ने के टुकड़ों को रात भर भिगोकर बुवाई करने से रोग की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
उन्होंने ट्राइकोडर्मा के प्रयोग तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के साथ साथ गन्ने की चार फिट दूरी पर गन्ना बुवाई करने पर जोर दिया, जिससे गन्ना उत्पादन के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता में भी वृद्धि संभव है। इस अवसर पर महाप्रबंधक गन्ना डॉ. एच. के. त्रिपाठी, रीजनल हेड रमेश चौधरी, जोनल इंचार्ज पंकज सिंह, अरविन्द सिंह तथा मिल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।







