Home उत्तर प्रदेश पति को प्रेमी संग मिलकर उतारा मौत के घाट, कंकाल बरामद

पति को प्रेमी संग मिलकर उतारा मौत के घाट, कंकाल बरामद

ढोंगी बाबा अनिल शुक्ल के झांसे में आकर महिला ने रची खौफनाक साजिश, मासूम बेटा हुआ बेसहारा

SIDHARTNAGAR:सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी. चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद शव को बलरामपुर जिले के राप्ती नदी में फेंक दिया गया, जहां से मंगलवार (10 जून 2025) को कंकाल के रूप में उसे बरामद किया गया है.

जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रेकहट के राजस्व ग्राम नजरगढ़वा निवासी 48 वर्षीय कन्नन पुत्र गोली की पत्नी संगीता ने बलरामपुर जनपद के ललिया थाना क्षेत्र निवासी अनिल शुक्ल नामक व्यक्ति के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. 5 जून 2025 को संगीता ने पुलिस को गुमराह करने के इरादे से ढेबरुआ थाने में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
पुलिस जब जांच में जुटी तो मामला संदिग्ध लगने लगा. पत्नी द्वारा पति को कहीं ले जाने की बात सामने आने के बाद, 9 जून को कन्नन के भाई बाबूलाल ने अपने भाई के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई. ढेबरुआ पुलिस की गहन जांच में पता चला कि संगीता का बलरामपुर के अनिल शुक्ला से संबंध था, जिसे वह ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये भेज चुकी थी. पुलिस की कड़ाई से पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

मंगलवार, 10 जून को ढेबरुआ पुलिस और बलरामपुर जनपद के देहात कोतवाली पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंची. देहात कोतवाली क्षेत्र के सेमरहना गांव के पास राप्ती नदी से कन्नन का शव कंकाल के रूप में बरामद किया गया. क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़, सुजीत राय ने बताया कि परिजनों ने कपड़ों आदि से शव की पहचान की. देहात कोतवाली पुलिस वैधानिक कार्रवाई कर रही है, जबकि ढेबरुआ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्यवाही जारी है।

मृतक कन्नन के गांव वालों ने बताया कि वह बहुत ही भोला-भाला व्यक्ति था और यहीं रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. काफी समय पहले वह दिल्ली से संगीता से विवाह कर उसे नजरगढ़वा ले आया था. उनका एक लगभग 10 वर्ष का बेटा भी है. अब बाप का साया उठ जाने और हत्यारिन मां के जेल जाने के बाद बच्चे के पालन-पोषण पर सवाल खड़े हो गए हैं. यह दुखद घटना कलयुग में रिश्तों की गिरती मर्यादा को दर्शाती है.
गांव वालों ने बताया कि संगीता 2 जून को कन्नन को झाड़-फूंक कराने के बहाने बलरामपुर जनपद के तथाकथित ढोंगी बाबा अनिल शुक्ल के पास ले गई थी और अगले ही दिन अकेले वापस आ गई. कई दिनों तक कन्नन के दिखाई न देने पर जब उसके भाई और आस-पास के लोगों ने संगीता से पूछा तो उसने बताया कि 3-4 दिनों से कन्नन का पता नहीं चल रहा. जब गांव वालों ने फटकारा तो उसने 5 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन तब तक उसने किसी को कुछ नहीं बताया था, जिससे संदेह और गहरा गया था।