Home उत्तर प्रदेश पंडितों की टारगेटिंग पर वकीलों में उबाल, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

पंडितों की टारगेटिंग पर वकीलों में उबाल, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

FATEHPUR NEWS: पंडितों के खिलाफ कथित टारगेटिंग और बदनामी को लेकर खागा कचहरी के वकीलों में आक्रोश देखने को मिला। इस मुद्दे पर अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों ने इसे सुनियोजित साजिश करार देते हुए कचहरी परिसर में जोरदार नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अभिनीत कुमार को सौंपा। ज्ञापन में वकीलों ने आरोप लगाया कि सनातन विरोधी ताकतें समाज में जाति और धर्म के नाम पर खाई पैदा कर जातीय तनाव बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने हाल ही में 14 मार्च को आयोजित यूपी एसआई परीक्षा के सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र का हवाला देते हुए कहा कि एक प्रश्न में “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” वाक्यांश के विकल्प में “पंडित” शब्द शामिल किया गया, जो आपत्तिजनक है और एक वर्ग विशेष को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। इसी क्रम में कक्षा 7 की संस्कृत परीक्षा का भी जिक्र किया गया, जिसमें एक प्रश्न में “साक्षर है लेकिन पंडित नहीं” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया। वकीलों का कहना है कि इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग अनावश्यक और आपत्तिजनक है, जिससे एक समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में बनी एक फिल्म में भी “घूसखोर पंडित” जैसे शब्दों का उपयोग कर ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया गया है। उनका कहना है कि देशभर में ब्राह्मणों को “पंडित जी” कहकर संबोधित किया जाता है, ऐसे में इस शब्द के माध्यम से पूरे समाज को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले जिम्मेदार लोगों और संबंधित विभाग पर कार्रवाई हो तथा भविष्य में किसी भी वर्ग विशेष की छवि खराब न हो, इसके लिए सख्त कानून बनाया जाए। इस दौरान अधिवक्ता रामसखा द्विवेदी, यूसुफ सिद्दीकी, अरविंद पांडेय, इसराइल फारूकी, अखिलेश यादव, श्याम कुमार गुप्ता पंकज, राजेश द्विवेदी, जितेंद्र द्विवेदी, राजेश तिवारी, कृष्ण कुमार, आनंद मोहन त्रिपाठी, मनीष पांडेय, मनोज, राहुल तिवारी, लक्ष्मीकांत अवस्थी, अतुल मिश्रा, ब्रजेश शुक्ला, मुकुल बाजपेयी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।