Home उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने वाली संस्था बनी-सपा

निर्वाचन आयोग भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने वाली संस्था बनी-सपा

MIRZAPUR NEWS: सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा  कि एसआईआर लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। मीरजापुर जिले में 10 दिन के अंदर मतदाताओं की गणना और सत्यापन संभव नहीं है। बीएलओ पर काम का अतिरिक्त दबाव है जिसका असर उनकी शारीरिक-मानसिक स्थिति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। चौधरी ने कहा ऐसे में निर्वाचन आयोग ने 04 दिसम्बर 2025 से 11 दिसम्बर 2025 तक एसआईआर का समय बढ़ाकर कोई अपेक्षित काम नहीं किया है। समाजवादी पार्टी ने एसआईआर की समयावधि तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी। इस व्यवहारिक और उचित मांग पर निर्वाचन आयोग ने कोई ध्यान नहीं दिया। लगता है निर्वाचन आयोग संवेदनाशून्य हो गया है। निर्वाचन आयोग को मतदाताओं की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है। चौधरी ने कहा कि इन स्थितियों में यह आशंका होती है कि निर्वाचन आयोग को अपनी साख, चुनाव की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता की परवाह नहीं रह गई है? वह भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने वाली सस्था बन गई है। बिहार में एसआईआर के दौर में लाखों लोग मताधिकार से वंचित रह गए। शक यही होता है कि कहीं उत्तर प्रदेश में भी होने वाले चुनावों के मद्देनजर विपक्षियों के वोट काटने की साजिश तो नहीं हो रही है? लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ यह खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता है। देवी चौधरी ने कहा कि निर्वाचन आयोग की अगर स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से एसआईआर कराने में रूचि है तो उसे उत्तर प्रदेश के करोड़ों मतदाताओं की एसआईआर की समय सीमा कम के कम तीन महीने होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के करोड़ों मतदाताओ का एसआईआर सही से हो और निर्वाचन आयोग को मतदाताओं के वोट के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए। मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार वोट डालने से वंचित न रहे इसके लिए निर्वाचन आयोग को भाजपा की किसी भी साजिश से सावधान रहना चाहिए, नहीं तो संदेह की उंगली चुनाव आयोग पर भी उठेगी इसमें कोई शक नहीं है।