सत्संग से होती है विवेक जागृत
PRAYAGRAJ NEWS: शनिवार को माघ मेला क्षेत्र में संत निरंकारी मिशन के नि:शुल्क डिस्पेंसरी शिविर में अब तक 5400 श्रद्धालुओं ने चिकित्सकीय लाभ प्राप्त किया जिसमें मोबाइल डिस्पेंसरी द्वारा देखें गये मरीज भी शामिल हैं । उक्त जानकारी सेवा दल क्षेत्रीय संचालक अशोक कुमार जी ने देते हुए बताया कि यह शिविर पिछले 2 जनवरी को शुभारम्भ होने के साथ निरन्तर संचालित हो रहा है जो कि 24 जनवरी 2026 तक इसी तरह से संचालित होता रहेगा। इस दौरान माघ मेला में आये हुए श्रद्धालुओं का निःशुल्क प्राथमिक उपचार एवं दवा वितरण किया जा रहा है। साथ ही साथ मोबाइल डिस्पेंसरी द्वारा माघ मेला क्षेत्र में भ्रमण करके भी प्राथमिक उपचार एवं दवा वितरण किया जा रहा है। डिस्पेंसरी वैन में ही डाक्टर एवं दवा,दोनों ही उपलब्ध हैं। इस शिविर परिषर में ही प्रतिदिन आध्यात्मिक सत्संग का भी आयोजन हो रहा है। जोकि शिविर समापन तक इसी तरह संचालित होता रहेगा। शिविर में केन्द्रीय प्रचारक निरंकारी संतो के पावन सानिध्य में सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक दोपहर 12:30 से 2:00 बजे तक एवं शाम 5:30 से 7:00 बजे तक प्रतिदिन सत्संग हो रहा है। शनिवार हुए सत्संग कार्यक्रम में साध संगत को सम्बोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश से आये हुवे केन्द्रीय प्रचारक संत श्री अशोक शास्त्री जी ने कहा कि जो भी व्यक्ति सत्गुरु द्वारा एक प्रभु परमात्मा निराकार का बोध हासिल कर सत्संग करता रहता है तो उसका विवेक जागृत हो जाता है। उसके मन से मिथ्या जगत के सत्य महसूस होने का भ्रम दूर हो जाता है फिर उसे महसूस होने लगता है कि एक प्रभु परमात्मा निराकार ही सत्य है और सारा संसार मिथ्या है। उस व्यक्ति के अन्दर संसार के प्रति अनासक्ति,वैराग्य का भाव जाग जाता है और परमात्मा के प्रति आसक्ति,अनुराग का भाव जाग जाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी के मन में परमात्मा के प्रति अनुराग का भाव जाग जाता है तो वह व्यक्ति संसार के अपने सभी क्रिया-कलाप व्यवहार को बिना आशक्त हुवे करते हुवे परमात्मा के चरणों में समर्पित हो जाता है। वह व्यक्ति परमात्मा को अपने सभी क्रिया कलापों में शामिल करके अपने कर्म को ही पूजा बना लेता है। जीवन भक्ति मय हो जाता है। ऐसे इंसान को अपने जीवन काल में ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। आज निरंकारी मिशन भी सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में परमात्मा का बोध हासिल कर सत्संग, सेवा,सुमिरन करते हुवे भक्ति मय जीवन जीने की प्रेरणा दे रही है।







