Home उत्तर प्रदेश नाम हटाने की नीलामी ”कुशीनगर फायरिंग केस में वायरल ऑडियो से खाकी...

नाम हटाने की नीलामी ”कुशीनगर फायरिंग केस में वायरल ऑडियो से खाकी कटघरे में

2.5 लाख से शुरू होकर 1.80 लाख में सौदा तय होने का दावा,

हिस्ट्रीशीटर और सिपाही की कथित बातचीत ने मचाया भूचाल
KUSHINAGAR NEWS: जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बभनौली फायरिंग कांड कानून-व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है। 9 नवंबर 2025 को हुई गोलीबारी की घटना, अब एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है जहां “इंसाफ बिकने” के आरोप, हवा में नहीं, बल्कि वायरल हो रहे ऑडियो के रूप में तैर रहा हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो क्लिप्स ने यह सनसनी फैला दी है कि मुकदमे से नाम हटाने के लिए खुलेआम पैसों की डील की जा रही थी। अगर यह आडियो सच है, तो यह सिर्फ एक भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि कानून की रीढ़ पर सीधा प्रहार है।
क्या है मामला फायरिंग की घटना,
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बभनौली निवासी पीड़ित कमलेश पुत्र नथुनी के अनुसार, घटना की शाम करीब साढ़े छह बजे पांच से सात की संख्या में हमलावर बाइक और चार पहिया वाहनों से आए और घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। पुलिस ने मामले में चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
वायरल ऑडियो: रेट तय, काम पक्का
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऑडियो जो सामने आए हैं, वह पूरे मामले की दिशा ही बदल दी है। पहले 2.5 लाख रुपये की मांग की गई, मोलभाव के बाद रकम 1 लाख 80 हजार रुपये पर फाइनल होने की बात आडियो में स्पष्ट कही जा रही है। बातचीत में सिपाही
नगद धनराशि लेने के बात कर रहा है और गारंटी दे रहा है कि कैश धन देना नाम हट जायेगा। ऑडियो में कथित तौर पर हिस्ट्रीशीटर ऋषि पासवान उर्फ राहुल और सिपाही सत्येंद्र चौबे के बीच बातचीत बताई जा रही है।
हिस्ट्रीशीटर को ‘सिस्टम’ का सहारा
जिस शख्स का नाम हटाने की बात हो रही है, वह पहले से कई मामलों में नामजद बताया जा रहा है और थाना स्तर पर हिस्ट्रीशीटर है।
ऐसे में सवाल गंभीर हो है कि क्या अपराधियों को कानून से नहीं, “सेटिंग” से राहत मिल रही है?क्या मुकदमा अब सबूत से नहीं, सौदे से लिखी व मिटाई जा रही है? सवाल यह भी है क्या खाकी के भीतर ही ‘दलाली तंत्र’ सक्रिय है?
बढ़ता दबाव कार्रवाई मांग
सिपाही और हिस्ट्रीशीटर के बीच बातचीत का आडियो सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश साफ दिख रहा  है। स्थानीय लोगो ने जिले के तेज-तर्रार व ईमानदार छवि वाले पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से ऑडियो की फॉरेंसिक जांच, आरोपी पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्रवाई व पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
जांच और कार्रवाई:
सिपाही व हिस्ट्रीशीटर के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वत: संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच एडिशनल एसपी को सौंपी गई है। सूत्रो की माने तो कथित आरोपी सिपाही के छुट्टी पर चले जाने की बात सामने आ रही है।