PRATAPGARH NEWS: मुंशीगंज स्थित राजर्षि रणंजय सिंह इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में तीन नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक मुंशीगंज शिवाकांत त्रिपाठी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को नए बदलावों के बारे में जानकारी दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि आपराधिक मामलों के निपटारे के लिए तीन अहम बदलाव किए गए हैं। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) कानून भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेगा और इसमें राजद्रोह को हटाया गया है। साथ ही आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) कानून दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह लेगा। इसमें जीरो एफआईआर का प्रावधान है, जिससे कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करा सकता है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) में भी बदलाव किया गया है, जिसमें अब इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कानूनी मान्यता दी गई है। अब वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य को अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे लोगों को न्याय पाने में आसानी होगी। स्कूल के प्रधानाचार्य ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए मुंशीगंज प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी का आभार जताया।







