VARANASI NEWS: सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने आज गुरूवार को पूर्वाह्न 9रू30 बजे विश्वविद्यालय के सरस्वती भवन में संस्कृति मंत्रालय के अन्तर्गत ज्ञान भारतम (राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन) के द्वारा संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों के लिए चल रहे संरक्षण कार्य को और गति देने के उद्देश्य से माननीय संस्कृति मंत्री, भारत सरकार गजेंद्र सिंह शेखावत से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात में, उन्होंने ज्ञान भारतम (राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन) केअन्तर्गत चल रहे पांडुलिपियों के संरक्षण कार्य में और अधिक गति प्रदान करने के लिए विस्तार से विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने माननीय मंत्री शेखावत को विश्वविद्यालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों के महत्व और वर्तमान में चल रहे उनके संरक्षण की गति और आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। माननीय केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी ने इस कार्य में हर संभव सहयोग और समर्थन प्रदान करने का आश्वासन देते हुए कहा कि यह भारत की अमूल्य धरोहर है इसका संरक्षण सुचारू रूप से किया जा रहा है, जिसमें उत्तम कार्य और कुशलतापूर्वक तीव्र गति से समयावधि के अंतर्गत पूर्ण किया जाएगा। इसमें कुशल कर्मियों की संख्या को और बढ़ाकर कार्य कराया जाएगा।
कुलपति प्रो.शर्मा ने बताया कि इस मुलाकात का उद्देश्य विश्वविद्यालय की दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और उन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाना था। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों लोगों ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई।इस कार्य में कुशल कर्मियों को बढ़ाकर पांडुलिपि संरक्षण के कार्य को गतिमान किया जाएगा। ’1 लाख से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण’ कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि सम्पूर्ण देश में इस संस्था के सरस्वती भवन पुस्तकालय में 1लाख 11हजार 1 सौ 32दुर्लभ पांडुलिपियां संरक्षित की गई है। खास बात ये है कि यहां रखी गई पांडुलिपियों में 1181 संवत की देश की सबसे प्राचीन श्रीमद्भागवत पुराण भी है।इसके अतिरिक्त भगवतगीता के स्वर्णाक्षरों में लिखी लिपि को भी यहां संरक्षित रखा गया है। ज्ञातव्य हो कि यह पांडुलिपि देश के सबसे प्राचीनतम कागज पर लिखी गई है। दुर्गासप्तशती 2 इंच के कपड़े के फीते पर लिखा गया है, जिसे मैग्नीफाइड ग्लास का प्रयोग कर देख सकतें है।इतना ही नहीं भगवान श्री कृष्ण के सूक्ष्म चित्रण को भी यहां के सरस्वती भवन लाइब्रेरी में सुरक्षित रखा गया है। वैसे इन दुर्लभ पाण्डुलिपियों के डिजिलाइजेशन के माध्यम से सर्वसुलभ बनाने का प्रयास किया जाएगा।
’मुलाकात के दौरान पारंपरिक अभिनन्दन’ कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के द्वारा केन्द्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात के द्वारा विश्वविद्यालय परंपरानुसार पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्रम देकर अभिनन्दन किया गया।







