MIRZAPUR NEWS: (शाहिद वारसी) शहर के कुरैश नगर निवासी 25 वर्षीय सद्दाम की मंगलवार को इलाज के दौरान जिला मंडलीय अस्पताल में मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक, सोमवार की देर रात करीब 1 बजे सद्दाम को अचानक तेज बुखार आ गया और उसके सिर में असहनीय दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर बड़े भाई शालू और उसके करीबी दोस्तों ने उसे तत्काल जिला मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों की सलाह पर ड्यूटी पर मौजूद वार्ड बॉय ने इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद कुछ देर के लिए उसकी तबीयत में थोड़ी राहत मिली और परिजन उसे घर ले आए। लेकिन मंगलवार की सुबह अचानक उसकी हालत फिर बिगड़ गई। उसके हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे और वह बेहद कमजोर हो गया। घबराए परिजन उसे आनन-फानन में सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर दोबारा जिला मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। इस दौरान उसकी नाक से खून भी आने लगा था। डॉक्टरों ने करीब आधे घंटे तक उसे सीपीआर और उपचार देने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद आखिरकार डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सद्दाम की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल और उसके मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और करीबी दोस्त बदहवास होकर रोने लगे। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और माहौल बेहद गमगीन हो गया। बताया जाता है कि सद्दाम को पहले से किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार और मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है। सद्दाम मूल रूप से वाराणसी का रहने वाला था, लेकिन उसका ननिहाल मीरजापुर के कुरैश नगर में है। बचपन से ही वह यहीं पला-बढ़ा और उसकी पूरी जिंदगी मीरजापुर में ही बीती। वह अपने छह भाइयों में सबसे छोटा था और रामबाग स्थित इमाम मार्केट में अपने बड़े भाई शालू के साथ इलेक्ट्रिशियन की दुकान पर रहता था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस मां-बाप ने अपने बेटे की शादी और उसके सिर पर सेहरा देखने के सपने संजोए थे, वे सपने अधूरे ही रह गए। घर का सबसे छोटा और चहेता बेटा अचानक दुनिया को अलविदा कह गया, जिससे पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।







