Home आस्था तारणहार बनकर अपने भक्तों का कष्ट दूर करते हैं भगवान-आचार्य अखिलेश जी

तारणहार बनकर अपने भक्तों का कष्ट दूर करते हैं भगवान-आचार्य अखिलेश जी

PRATAPGARH NEWS: नगर के मनीपुर में चल रही श्रीमदभागवत कथा के विश्राम दिवस पर सोमवार को कथाव्यास आचार्य अखिलेश जी महराज के मुखारबिन्दु से सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे दिखे। कथाव्यास आचार्य अखिलेश जी महराज ने कहा कि जब भी भक्त पर विपदा आती है तो परमात्मा तारणहार बनकर अपने भक्तों का कष्ट दूर करते हैं। कथाव्यास ने कहा कि मित्रता कैसे निभायी जाती है इसे भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा से सीखा जा सकता है। उन्होने कहा कि द्वारिका पहुंचने पर द्वार पाल के मुख से बाल सखा सुदामा का नाम सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव दौड़ते मित्र के पास पहुंचे और उन्हें गले से लगा लिया। यही नही भगवान श्रीकृष्ण ने मित्र सुदामा को और राज सिंहासन पर बैठाया और बहुत सारा धन प्रदान किया। आचार्य अखिलेश जी महराज ने भागवत महात्म्य पर कहा कि भागवत श्रवण के पश्चात राजा परीक्षित को मृत्यु का भय समाप्त हो गया। मुख्य आयोजक गया प्रसाद तिवारी, जानकी देवी व ओमप्रकाश तिवारी फौजी, शांती देवी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। जमुना प्रसाद तिवारी ने कार्यक्रम का संयोजन किया। दिनेश तिवारी ने श्रद्धालुओं का स्वागत व राकेश तिवारी ने आभार जताया। इस मौके पर अखिलेश मिश्र, रवीन्द्र मिश्र, धर्मेन्द्र तिवारी, मनोज तिवारी, लाल बिहारी तिवारी, राजेश, अनूप, दीपक, करूणेश आदि मौजूद रहे।