ETAWA NEWS: भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व जिला महामन्त्री अनिल चौधरी ने राशन डीलर का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त किये जाने की मांग की है l तथ्यों को छुपा कर नियम विरुद्ध बने राशन डीलर बुआपुर के चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने हेतु उप जिलाधिकारी भरथना से तीन बार जांच आख्या आने और कई विपरीत तथ्य प्रकाश में आने के बाद भी अभी तक उक्त चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त नहीं किया गया l एक प्रार्थना पत्र पर कितनी बार जांच आख्या मांगी जाएगी तीन बार चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने की संस्तुति सहित जांच आख्या के आने के बाद चौथी बार मांगी गई जांच आख्या l राशन डीलर बुआपुर का सरकार द्वारा वित्त पोषित विद्यालय की जमीन पर अवैध कब्जा कर बना है आवास फिर भी बन गया चरित्र प्रमाण पत्र l विद्यालय की अवैध कब्जा की जमीन से ही संचालित की जा रही सरकारी राशन की दुकान l उक्त चरित्र प्रमाण पत्र बनाने की संस्तुति करने बाला लेखपाल कभी ग्राम पंचायत बुआपुर में तैनात ही नहीं रहा फिर भी लगा दी जांच आख्या उक्त चरित्र प्रमाण पत्र बनाने की नियम विरुद्ध संस्तुति करने वाले लेखपाल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रचलित करने के बावजूद उक्त चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त नहीं किया गया l राशन डीलर बुआपुर ब्लॉक तहसील भरथना ने तथ्यों को छुपा कर नियम विरुद्ध तरीके से तहसील स्तरीय कर्मचारियों से मिली भगत कर अधिकारियों को भ्रमित कर जिलाधिकारी इटावा कार्यालय से चरित्र प्रमाण पत्र संख्या 2693 दिनांक 7/11/2023 को निर्गत करवा लिया l राशन डीलर अपने चकमा पत्र के आवेदन पत्र पर किसी अन्य क्षेत्र के लेखपाल द्वारा जांच आख्या लगवाई गई है जो नियम विरुद्ध है प्रमाण पत्र बनाने की संस्तुति करने वाला लेखपाल कभी ग्राम पंचायत बुआपुर में तैनात में तैनात ही नहीं रहा तहसील स्तरीय जांच में इनका आवास भी श्री जवाहरलाल नेहरू इंटर कॉलेज बुआपुर जो सरकार द्वारा वित्तपोषित विद्यालय है उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर आवास बना पाया गया राशन डीलर बुआपुर द्वारा सरकारी राशन की दुकान भी विद्यालय की अवैध कब्जा की जमीन से संचालित की जा रही हैं स्थलीय जांच में सरकारी राशन दुकान विद्यालय की जमीन पर अवैध कब्जा कर संचालित पाई गई l उक्त चरित्र प्रमाण पत्र में स्पष्ट उल्लेख होता है की आवेदन करता के विरुद्ध कोई विपरीत तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त चरित्र प्रमाण पत्र स्वतः निरस्त समझा जाएगा जांच में इनके विरुद्ध कई विपरीत तथ्य प्रकाश में आए हैं नियमानुसार इनका चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने योग्य है जिसको अभी तक निरस्त नहीं किया गया है जिससे जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू माफिया और नियम विरुद्ध कार्य करने वाले को संरक्षण मिल रहा है और प्रार्थी 31 जनवरी 2024 से न्याय के लिए भटक रहा है l







