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ढेबरुआ में ‘पहरेदारी के बीच चोरी’, मजदूर के घर हुई वारदात पर संलिप्तता का संदेह

SIDHARTHNAGAR NEWS: ढेबरुआ थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों के बीच, रविवार को चोरों ने सिसवा उर्फ शिवभारी गांव को भी निशाना बनाया है। इस गांव में हुई चोरी की इस पहली घटना ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। एक गरीब मजदूर के घर हुई इस चोरी ने साबित कर दिया है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे गरीबों के आशियाने पर भी डाका डालने से नहीं हिचक रहे।
मजदूर का टूटा सपना, चोरों का बढ़ता हौसला
गांव के मजदूर संदीप गौतम ने अपने परिवार के लिए एक पक्का मकान बनाने का सपना देखा था। वह दिन-रात मेहनत कर पाई-पाई जोड़कर पैसे जमा कर रहा था। लेकिन बीती रात चोरों ने उसके इस सपने पर पानी फेर दिया। रात के एक बजे तक पहरा देने के बाद संदीप जब अपने परिवार के साथ सोने गया, तो चोरों ने उसके पुराने जर्जर मकान के दरवाजे को ऊपर धकेलकर निकाल दिया और अंदर घुस गए। उन्होंने संदीप के मेहनत से कमाए हुए सारे पैसे और कुछ जेवरात चुरा लिए। इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने गांव में पहले कभी ऐसी चोरी नहीं देखी थी।
चोरों के दुस्साहस के पीछे गांव वालों की संलिप्तता का संदेह
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। जब गांव के लोग रातभर जाग रहे हैं और पुलिस भी लगातार गश्त कर रही है, तो चोर आखिर आते कहां से हैं और इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल कैसे जाते हैं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस गांव के बगल में ही पुलिस थाना है, वहां बाहरी चोर इतनी आसानी से घुसकर वारदात को अंजाम देकर गायब कैसे हो सकते हैं? ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि रात में कुछ बच्चे भी लाठी-डंडे लेकर घूमते रहते हैं, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन पहरेदार है और कौन चोर। लोगों की अव्यवस्थित पहरेदारी का फायदा उठाकर चोर अपना काम कर रहे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए यह भी जांच का विषय है कि कहीं इन चोरियों में गांव के ही कुछ लोगों की संलिप्तता तो नहीं है।