AMETHI NEWS: प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की प्रेरणा से, “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” से प्रेरित “वन विलेज वन प्रोडक्ट (One Village One Product – OVOP)” परियोजना को शीघ्र ही जनपद अमेठी में प्रारंभ किए जाने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिलाधिकारी संजय चौहान एवं मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल के कुशल मार्गदर्शन में इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
परियोजना का उद्देश्य
“वन विलेज वन प्रोडक्ट (OVOP)” का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गाँव को उसकी विशिष्ट पहचान दिलाना तथा ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देना है। यह योजना स्थानीय उत्पादों को उत्पादन–प्रसंस्करण–ब्रांडिंग–विपणन की श्रृंखला से जोड़ते हुए, ग्रामीण समुदाय को “वोकल फॉर लोकल” एवं “आत्मनिर्भर भारत” के मूल उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि
“यह परियोजना ग्रामीण नवाचार, कौशल विकास और परंपरागत उत्पादों के पुनर्जीवन की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रत्येक गाँव अपने विशिष्ट उत्पाद के माध्यम से पहचान बनाएगा, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी बल्कि ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।”
परियोजना का कार्यप्रवाह
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि “वन विलेज वन प्रोडक्ट” परियोजना का क्रियान्वयन पाँच प्रमुख चरणों में किया जाएगा —
1. ग्राम स्तरीय उत्पाद पहचान (Product Identification):
प्रत्येक ग्राम पंचायत से स्थानीय विशिष्ट उत्पाद की पहचान की जाएगी।
2. ग्राम स्तरीय समिति गठन
ग्राम पंचायत में स्थानीय प्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूहों की दीदियों एवं युवाओं की भागीदारी से समिति गठित होगी।
3. व्यवसाय योजना निर्माण (Business Plan):
विद्यालयों एवं पंचायत स्तर पर विद्यार्थियों और समुदाय के साथ मिलकर व्यवहारिक व्यवसाय योजना तैयार की जाएगी।
4. प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास:
उत्पाद से संबंधित कौशल विकास, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
5. निगरानी एवं मूल्यांकन:
योजना के प्रत्येक चरण की मासिक समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में की जाएगी, जिससे पारदर्शिता एवं प्रगति सुनिश्चित हो सके।
समिति की संरचना (Committee Formation)
परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में “ग्राम स्तरीय समिति (Village Level Committee)” गठित की जाएगी, जिसमें —
• ग्राम प्रधान (अध्यक्ष),
• प्रधानाध्यापक / विद्यालय प्रतिनिधि,
• ग्राम पंचायत सचिव,
• पंचायत सहायक,
• स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि “सामूह सखी”,
• स्थानीय उद्योग या हस्तशिल्प से जुड़े कारीगर,
• और सक्रिय युवा प्रतिनिधि शामिल होंगे।
यह समिति गाँव के उत्पाद की पहचान, स्थानीय संसाधनों का उपयोग, प्रशिक्षण आवश्यकताओं और विपणन की संभावनाओं पर कार्य करेगी। साथ ही यह समिति “प्रेरणा पोर्टल” और “जिला उद्योग केंद्र” के साथ डेटा समन्वय सुनिश्चित करेगी।
मुख्य विभागों की भूमिका
मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल ने स्पष्ट किया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन में चार प्रमुख विभाग अग्रणी भूमिका निभाएँगे
• जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA): विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों में नवाचार एवं व्यवहारिक शिक्षण के माध्यम से व्यवसाय योजना निर्माण में सहयोग।
• जिला उद्योग केंद्र (GM DIC): उत्पादों के तकनीकी विकास, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से जुड़ा सहयोग।
• जिला सेवायोजन अधिकारी: युवाओं को उद्यमिता एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ना।
• जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनआरएलएम (DC NRLM): स्वयं सहायता समूहों को योजना से जोड़ना एवं प्रशिक्षण, पूंजी सहायता तथा आजीविका संवर्धन से जोड़ना।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि यह चारों विभाग परियोजना की मुख्य कार्यान्वयन टीम (Lead Implementation Team) के रूप में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि
“जनपद अमेठी में ‘वन विलेज वन प्रोडक्ट’ परियोजना को एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में लागू किया जाएगा। प्रत्येक गाँव की अपनी पहचान बने, हर परिवार को आजीविका के अवसर मिलें, और महिलाएँ आत्मनिर्भर बनें — यही इस योजना का लक्ष्य है। यह परियोजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में उभरेगी।”
आगे की दिशा बैठक के अंत में सीडीओ ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 15 दिनों के भीतर ग्राम स्तरीय समितियों का गठन एवं प्रारंभिक उत्पाद पहचान की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। इसके उपरांत जनपद स्तरीय लॉन्चिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।







