गीत को पाठ्यक्रम में शामिल करने की हुई मांग
FATEHPUR NEWS: भारतीय दोसर वैश्य महासमिति ने स्वतंत्रता सेनानी श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद’ का 130वां जन्मदिन मनाया। पार्षद चौक स्थित उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में मिठाई वितरण के साथ उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। महासमिति के जिलाध्यक्ष नारायण बाबू गुप्ता ने बताया कि पार्षद जी का जन्म 9 सितंबर 1896 को कानपुर के नखल गांव में हुआ। मिडिल शिक्षा के बाद उन्होंने फतेहपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया। महासमिति के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि पार्षद जी ने शिक्षक का पद छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। वे फतेहपुर में 19 साल तक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। कई बार जेल गए और 10 साल तक भूमिगत रहकर आंदोलन में योगदान दिया। युवा प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र शरन सिम्पल ने बताया कि उन्होंने ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ गीत फतेहपुर जेल की बैरक नंबर 9 में लिखा। महासमिति के संरक्षक गिरधारी लाल गुप्त ने बताया कि 1921 में पार्षद जी ने देश की आजादी तक नंगे पैर रहने का व्रत लिया। महामंत्री साजन गुप्त के अनुसार 1934 में हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में यह गीत राष्ट्रीय गीत घोषित हुआ। कार्यक्रम में मांग की गई कि इस गीत को स्कूली पाठ्यक्रम में फिर से शामिल किया जाए।







