रोशनी के रखवाले, अंधेरे के दुश्मन है जेई विनय कुमार वैश्व
MIRZAPUR NEWS: (शाहिद वारसी) मां विंध्यवासिनी की पावन नगरी में विंध्याचल पॉवर हाउस में तैनात अवर अभियंता विनय कुमार वैश्व एक ऐसा नाम है, दिन हो या रात अंधेरा हो या उजाला जो हर वक्त चमकता रहता है। शारदीय नवरात्र मेला विंध्याचल 2025 में 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक जिस पावर हाउस से रोशनी झरती रही, उसके असली “पावर मैन” जेई विनय कुमार वैश्व हैं। उनके जबरदस्त कार्यों को देखकर प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। मिर्जापुर जिले में जेई की जब भी बात होती है, सबसे पहले और आखिरी नाम विनय कुमार वैश्व का आता है। दो साल से विंध्याचल पावर हाउस की कमान संभाल रहे हैं और जब से आए हैं, अंधेरा इस इलाके से रफूचक्कर हो गया है। जो ईमानदारी का दूसरा नाम है। रात हो या दिन, बिजली की शिकायत दर्ज होते ही फोन की घंटी बजी नहीं कि जेई विनय कुमार वैश्व मौके पर मौजूद रहते है। रात के 2 बजे भी उपभोक्ता बिजली गुल होने की शिकायत करते है तो रोशनी बहाल हो जाती है। कुछ ही मिनट में उजाला वापस हो जाता है। जहाँ लाइनमैन सुबह तक इंतजार करने की बात कहते हैं, वहीं यह जेई विनय कुमार वैश्व उसी वक्त मरम्मत करवा कर उपभोक्ताओं के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं। जेई विनय कुमार वैश्व ने कहां कि चाहे 10 किलोवॉट का कंज्यूमर हो या 1 किलोवॉट का, मेरी नजर में सब बराबर है। सभी बिजली का भुगतान करते हैं। सेवा सबको बराबर मिलेगा। विंध्याचल इलाके के हर पोल, हर तार, हर ट्रांसफार्मर की धड़कन पर इनकी नजर रहती है। किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान करते है। उपभोक्ताओं को हमेशा सचेत करते हैं कि किसी दलाल के चक्कर में न पड़ें। सीधा हमसे संपर्क करें। दलालों से दूरी–जनता से नजदीकी इनकी पहचान बन चुकी है। आज भी विंध्याचल की रौशनी में जेई विनय कुमार वैश्व का नाम गूंजता है। विनय कुमार वैश्व सिर्फ अवर अभियंता नहीं, बल्कि विंध्याचल की रोशनी के असली रखवाले हैं। मां विंध्यवासिनी की नगरी इनकी ईमानदारी और सेवा से जगमगा रही है।







