PRAYAGRAJ NEWS: आर्य कन्या डिग्री कालेज में आयोजित सार्थक स्वर्ण जयंती समारोह के पांचवंे दिन महाविद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गूंज रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। तत्पश्चात महाविद्यालय की गरिमा के अनुरूप कुलगीत व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। जिसमें सभी ने खूब आनन्द उठाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अपने उदबोधन में कहा कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्त रमन्ते तत्र देवताः अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है वहाँ देवता निवास करते हैं। इसी प्रकार के आदर्श व विचार को दृष्टिगत रखते हुये स्वामी दयानन्द सरस्वती ने महिला शिक्षा के लिए उल्लेखनीय प्रयास किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने समारोह को सम्बोधित करते हुये कहा कि स्वामी दयानन्द सरस्वती जी का सपना था कि महिलायें हर क्षेत्र में आगे बढं़े और पद प्रतिष्ठा प्राप्त करें। स्वामी जी के इन्हीं सपनों को पाँच दशकों से आर्य कन्या महाविद्यालय चरितार्थ कर रहा है। विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद व मंत्री डॉ0 रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि यह महाविद्यालय नारी शिक्षा और सशक्तिकरण का माध्यम बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संवाहक बना हुआ है।
शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने कहा कि इस महाविद्यालय की अपनी एक अलग पहचान है। यह आर्य समाज के आदर्शों से प्रेरित होकर छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार व नैतिक मूल्य प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान हुए कवि सम्मेलन में हास्य व व्यंग्य के प्रख्यात कवि दिनेश बांवरा ने ‘हिंदी की बिंदी श्रृंगार है……, महिलायें जब वर्दी पहनती हैं तो देश खूबसूरत लगता है….’ आदि कविताओं के माध्यम से सभी को खूब हंसाया व गुदगुदाया। शैलेंद्र मधुर की कविता ‘लिखूँ कैसे खत, अंगुलियां जल रही हैं……..’ पर लोग मंत्रमुग्ध हो गये। आकांक्षा बुन्देला के द्वारा सुनाये गए ‘हम युवा पीढ़ी हैं भारत की, स्वाभिमान हमीं से जिंदा है…….’ पर खूब तालियाँ बजीं। लोग जोश से भर उठे। अशोक बेशर्म ने ‘हमने जिनको चुना, वो हमें चुन गये….’ सुनाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं कवियत्री आभा मधुर ने ‘हैं वे कृपालु मेरे गुरुदेव, जो चरणों में अपने अपनाये हुए हैं……’ सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन चीफ प्राक्टर डॉ0 रंजना त्रिपाठी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या प्रो0 अर्चना पाठक ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी, जिसे सबने खूब सराहा। बताते चलें कि महाविद्यालय में प्रतिदिन की भाँति आज भी प्रातःकाल यज्ञ का आयोजन हुआ। यह यज्ञ दिनांक 12 सितम्बर से प्रतिदिन महाविद्यालय परिसर में स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में चल रहा है। कार्यक्रम में रवीन्द्र नाथ जायसवाल, पी. एन. मिश्र, अरुणेश जायसवाल कृष्ण मोहन गुप्ता, प्रदीप जायसवाल, सलाहकार डाॅ0 ममता गुप्ता, प्रो0 अंजू श्रीवास्तव, प्रो० नीलांजना जैन, डाॅ0 निशा खन्ना, डाॅ0 मुदिता तिवारी, डाॅ0 अमित पाण्डेय, डॉ0 अमित मिश्र, डॉ० सव्य सांची त्रिपाठी, डाॅ0 ज्योति रानी जायसवाल, डाॅ0 प्रियंका श्रीवास्तव, डाॅ0 राधा रानी सिंह, डाॅ0 चित्रा चैरसिया, डाॅ0 दीपशिखा पाण्डेय, डाॅ0 स्मिता, डाॅ0 नाज़नीन फारूकी, डाॅ0 शशि कुमारी, डाॅ0 सोनमती पटेल, डाॅ0 सुधा कुमारी, डाॅ0 भारती देवी आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्रायें मौजूद रहीं।







