चोरों ने नेशनल हाइवे से सटे गांव के घरों को बनाया निशाना, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष के घर में भी सेंधमारी
SIDHARTHNAGAR NEWS: ढेबरुआ थाना क्षेत्र के सेवरा गांव में 24-25 अगस्त की बीती रात चोरों ने एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाते हुए लाखों की चोरी को अंजाम दिया है। यह घटना उस समय हुई जब गांव में एक व्यक्ति की आकस्मिक मौत के बाद कई लोग रातभर जाग रहे थे, बावजूद इसके चोरों ने बेखौफ होकर अपना काम किया। इस दुस्साहसिक वारदात ने न सिर्फ लाखों का नुकसान किया, बल्कि पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चौंकाने वाली घटना सेवरा गांव की है, जो नेशनल हाइवे के ठीक बगल में स्थित है। चोरों ने एक ही रात में तीन घरों में बड़ी ही चालाकी से प्रवेश कर गहने, नकदी और कीमती सामान उड़ा लिए। चोरी की यह घटना इसलिए भी हैरान करने वाली है, क्योंकि गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद लोग रात 1 बजे से ही भोर तक जाग रहे थे। इसके बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर इस वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष बढ़नी सिद्धार्थ शंकर पाठक के घर को निशाना बनाया। यह घर भी नेशनल हाइवे के करीब है। चोरों ने घर के पीछे की ग्रिल उखाड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां से उन्होंने लगभग 50 हजार रुपये नकद, 50 चांदी के सिक्के, दो पावजेब और उनकी बेटी की शादी के लिए खरीदे गए लगभग 50 हजार रुपये के नए कपड़े चुरा लिए। गनीमत रही कि पाठक ने अपने महंगे गहने बैंक लॉकर में रखे हुए थे, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बच गया। इसी गांव में चोरों ने जितेंद्र पाठक के घर को भी अपना शिकार बनाया। वे घर के सामने से चढ़कर दूसरी मंजिल पर पहुंचे और एक खुले दरवाजे से अंदर घुस गए। वहां से उन्होंने बॉक्स और अलमारी में रखे 1 लाख 5 हजार रुपये नकद और लगभग 35 लाख रुपये के जेवरात और अन्य सामान उड़ा लिए। चोरों ने एक बॉक्स को छत पर ले जाकर उसका ताला तोड़ा और जेवरात निकालकर फरार हो गए, परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी।
तीसरी घटना गांव के पश्चिमी छोर पर दुर्गा प्रसाद पाठक के घर में हुई। परिवार के लोग गर्मी की वजह से बाहर सो रहे थे। चोरों ने छत से घर में प्रवेश किया और कमरे में रखी तिजोरी, बॉक्स और ट्रंक के ताले तोड़कर लगभग 7 लाख रुपये के गहने और 3 हजार रुपये नकद उड़ा लिए। इसमें दुर्गा प्रसाद की पत्नी और बेटियों के सारे जेवरात शामिल थे। इस तरह की वारदात के बाद गांव में चर्चा है कि यह किसी बड़े और संगठित गिरोह का काम है। लोगों का कहना है कि बिना किसी स्थानीय व्यक्ति की मदद के चोरों को इतनी बारीक जानकारी नहीं मिल सकती थी कि किस घर में कहां क्या रखा है। लोगों को यह भी डर है कि अगर किसी की नींद खुल जाती तो चोर उन पर जानलेवा हमला भी कर सकते थे। सुबह चोरी का पता चलने पर पीड़ित परिवारों ने 112 नंबर पर और फिर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गौरव सिंह, उप निरीक्षक जय प्रकाश, और जिला मुख्यालय से फील्ड यूनिट टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट और अन्य सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने तीनों मामलों में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और चोरों की तलाश में जुट गई है। थानाध्यक्ष गौरव सिंह ने आश्वासन दिया है कि पुलिस इस घटना का जल्द ही खुलासा करेगी।







