FATEHPUR NEWS: रविवार रात होने वाले चंद्र ग्रहण को देखते हुए सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। प्रसिद्ध सिद्धपीठ कालिकन मंदिर समेत क्षेत्र के सभी मंदिर दोपहर 12:57 बजे से सूतक काल में बंद किए गए हैं। खगोलविदों के अनुसार चंद्र ग्रहण रविवार की रात 9:57 बजे से शुरू हुआ जोकि यह रात 11:41 बजे अपने चरम पर पहुंचा। ग्रहण रात 1:57 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई दिया, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह वर्ष का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण है। सिद्धपीठ कालिकन धाम का इतिहास महर्षि च्यवन मुनि की तपोस्थली से जुड़ा है। पौराणिक कथा के अनुसार यहां अश्विन कुमार ने दिव्य कुंड बनाया था। देवी कालिकन ने कुंड की रक्षा की थी। यह स्थान आंखों की बीमारियों के इलाज और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के पुजारी रमाशंकर मिश्रा ने बताया कि सूतक काल में विशेष पूजा-अर्चना के बाद नियमित आरती रोक दी गई है। सोमवार तड़के शुद्धिकरण के बाद मंदिर खोले जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान खुले आसमान के नीचे न जाने और पहले से बने भोजन में तुलसी पत्ती डालने की सलाह दी गई है।







