KUSHINAGAR NEWS: परंपरागत मूल्यों और सांस्कृतिक जागरूकता के संवर्धन में अग्रणी अखिल भारतीय संस्था “संस्कार संगम”, कुशीनगर के तत्वावधान में नगर स्थित नृत्य संगम एकेडमी पर गुरु पूर्णिमा के पूर्व संध्या पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और वैदिक मंत्र “यं वैदिका मंत्रदृशः पुराणा…” के सामूहिक गायन से हुई। मुख्य अतिथि नरेंद्र प्रताप सिंह पूर्व प्राचार्य ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि गुरु ही जीवन का मूल स्तंभ होते हैं। उनके बिना न तो ज्ञान की प्राप्ति संभव है और न ही चरित्र का निर्माण। गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की आत्मा को सजीव करती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. रविशंकर प्रताप राव, वरिष्ठ शिक्षाविद् ने कहा “गुरु का मार्गदर्शन ही हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। यह दिवस गुरुओं के प्रति हमारी आस्था और श्रद्धा को प्रकट करने का श्रेष्ठ अवसर है। मुख्य वक्ता डॉ गौरव तिवारी ने कहा गुरु केवल शिक्षा नहीं देते, वे जीवन का दर्शन कराते हैं। विद्यार्थी यदि गुरु को समझ जाएँ, तो उनका पूरा जीवन संवर सकता है।”दिनेश तिवारी “भोजपुरिया” ने गुरु की महिमा पर आधारित विशेष पंक्तियाँ प्रस्तुत की। अवकाश प्राप्त शिक्षक सुरेश गुप्त ने कहा भारतवर्ष उत्सवधर्मी देश है।पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का प्रथम तथा प्रधान उत्सव माना जाता है।आषाढ की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं।इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं।महर्षि व्यास नेवेदों में वर्णित ज्ञान को चार वेद शाखाओं में विभक्त कर वेदों के स्वरूप को अधिक सुस्पष्ट, सुनियोजित किया।महर्षि वेदव्यास कहलाए। इस अवसर पर संस्कार संगम कुशीनगर द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में सुरेश गुप्त (अवकाश प्राप्त शिक्षक), नृत्य क्षेत्र में पीहू मद्धेशिया, संगीत क्षेत्र में सुनील मिश्रा समाज सेवा और महिला नेतृत्व में किरण जयसवाल, वंदना मद्धेशिया, सरिता मिश्रा संस्कृति संवर्धन एवं सामाजिक योगदान हेतु: सुनंदा विश्वकर्मा प्रशस्ति पत्र एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अम्बरीष विश्वकर्मा ने की और संचालन शिक्षक राजू मद्धेशिया ने कुशलता से किया। संस्कार संगम के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन “वन्दे मातरम्” के सस्वर सामूहिक गायन के साथ हुआ।.इस अवसर पर राम नारायण जायसवाल, रमेश मद्धेशिया, अमित मिश्रा, धनंजय राव, धीरज जायसवाल, मनोज सिंह, विवेक विश्वकर्मा, सुभाष मद्धेशिया कृष्ण मुरारी धर द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







