प्रतापगढ़। जनपद के कोतवाली देहात अन्तर्गत तनख्वाह पाने के बाद देवघाट मंदिर से 200 मीटर पहले परचून की दुकान पर युवक गिरधारी गिरी (40) ले रहा था घर गृहस्थी का सामान। जानकारी के अनुसार एक अरसे से बृजेश गिरी, हरिकेश गिरी, राजेश गिरी आदि और पीड़ित गिरधारी गिरी दोनों पक्षों के बीच में चल रही थी पुरानी रंजिश, जिसमें कई बार क्षेत्रीय पुलिस के दखल से टलता रहा है बड़ा मामला। मौका और बहाना पाने के साथ ही अकेला पाकर आधा दर्जन पुरुषों के साथ महिलाओं ने किया जान लेवा हमला।आधा दर्जन लोगों के हमलावर होने से युवक हवा लहूलुहान। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से भेजवाया जिला अस्पताल।हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल से युवक मेडिकल कॉलेज प्रयागराज हुआ रेफर।इधर मामला बिगड़ता देख हमलावर युवक राजेश गिरी और उसकी मां भी रात में जिला अस्पताल में हुई भर्ती। राजेश गिरी का आरोप उसके भी सर में लगी है अंदरूनी चोट वही स्वस्थ महिला का है आरोप की मेरा टूट गया है हाथ।पीड़ितों की माने तो पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी करने के बजाय प्रदान कर रही है संरक्षण। वहीं अभी तक नहीं लिखी गई एफआईआर। पीड़ितों की माने तो उधर स्वरूपरानी हॉस्पिटल प्रयागराज में जीवन और मौत से जूझ रहा जान लेवा हमला से पीड़ित युवक। बड़ा सवाल क्या पुलिस पीड़ित की एफआईआर लिखकर करती है बड़ी कार्यवाही या फिर पीड़ित के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखकर क्रास केश बनाकर मामले को डालती है ठंडे बस्ते में। वैसे भी कोतवाली देहात की पुलिस ताड़ को तिल और तिल को ताड़ बनाने में अब तक रही है उस्ताद, नतीजन पीड़ितों को न्याय मिलने में अक्सर बना रहता है संशय।रविवार को करीब शाम चार बजे के आस पास की है घटना। पर अब तक पुलिस के द्वारा नहीं की गई है कोई भी विधिक कार्यवाही।






