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गाजे-बाजे, तलवारबाजी और हर-हर गंगे- मौनी अमावस्या पर किन्नर संतों का भव्य स्नान

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मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर सनातनी किन्नर अखाड़े ने अपने आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी के नेतृत्व में आह्वान अखाड़े के साथ संयुक्त रूप से पावन संगम में स्नान किया।

मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर सनातनी किन्नर अखाड़े ने अपने आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी के नेतृत्व में आह्वान अखाड़े के साथ संयुक्त रूप से पावन संगम में स्नान किया। इस अवसर पर मां पार्वती से सनातन धर्म की उन्नति एवं विश्व कल्याण की मंगल कामना की गई। संगम स्नान के लिए सनातनी किन्नर अखाड़े के संत अपने शिविर से बाजे-गाजे के साथ सैकड़ों किन्नर साधू-संतों एवं अनुयायियों के साथ निकले। इस दौरान हर-हर महादेव और हर-हर गंगेे के जयघोष से संगम क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा के दौरान किन्नर साधु-संतों ने जगह-जगह तलवारबाजी के करतब दिखाए, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

भारी लश्कर के साथ सनातनी किन्नर अखाड़ा आह्वान अखाड़े पहुंचा, जिसके बाद दोनों अखाड़ों के संतों ने एक साथ संगम स्नान किया। आह्वान अखाड़े की ओर से उपाध्याय श्री महंत अवधूत गिरी जी महाराज, सचिव श्री महंत गीतानंद गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर सीमानंद गिरी जी महाराज और महंत त्रिवेणी गिरी जी महाराज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं सनातनी किन्नर अखाड़े की ओर से पीठाधीश्वर श्री गौरी सावंत, महामंडलेश्वर प्रेमपुरी जी महाराज, महाराष्ट्र की प्रदेश अध्यक्ष पायल नंद गिरी जी महाराज सहित सैकड़ों की संख्या में किन्नर साधू-संतों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर अखाड़ों के संतों ने कहा कि संगम स्नान केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि समरसता, सनातन संस्कृति और विश्व शांति का प्रतीक है।