BALRAMPUR NEWS: कमाल खान (ब्यूरो प्रमुख) वादी चीफ मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक सर्किल आफिस जनपद अयोध्या द्वारा की गई नहरबालागंज की पीएनबी ब्रांच मे पाए गए लोन अनियमितता की विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर थाना को0 नगर बलरामपुर पर दिनांक 15.08.2025 को एक शिकायती प्रार्थना पत्र इस बावत दिया कि महेश त्रिपाठी (शाखा प्रबंधक पी.एन.बी बैक नहर बालागंज बलरामपुर) पुत्र राम आधार त्रिपाठी निवासी लखनऊ आदि 08 नफर ( सहायक बैंक कर्मी व अन्य सहयोगी) द्वारा बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति के फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर विभिन्न लोन खाते खोल कर जालसाजी करके बैंक शाखा से 525.184 लाख रुपये गबन कर लेने के संबंध में दिया गया प्राप्त लिखित तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर पर मु0अ0स0 197/25 धारा 316(2),316(5),319(2),318(4),337,338,336(3),340(2) बीएनएस बनाम महेश त्रिपाठी (वरिष्ट शाखा प्रबंधक), विनय कुमार शर्मा (अधिकारी शाखा कार्यालय) , सन्तोष गुप्ता (अधिकारी शाखा कार्यालय), यशवंत कुमार (कैश बीओ), पूनम सिंह (पीएसपी कन्ट्रक्शंस) , वैभव सिंह (पीएसपी कन्ट्रक्शंस), समरजीत सिंह (पीएसपी कन्ट्रक्शंस) व अन्य पंजीकृत किया गया । अभियुक्त विनय शर्मा पुत्र घनश्याम शर्मा निवासी टेढ़ी बाजार खलवा को0 नगर को थाना को0 नगर पुलिस टीम द्वारा चिनहट लखनऊ से गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तार अभियुक्त उपरोक्त को मा0 न्यायालय बलरामपुर रवाना किया गया। ज्ञातव्य है कि उपरोक्त मुकदमें से संबंधित 03 अभियुक्तों 1. महेश त्रिपाठी पुत्र राम अधार त्रिपाठी (तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक पीएनबी शाखा नहरबालागंज बलरामपुर ) निवासी लखनऊ। 2. समरजीत सिंह पुत्र पंचम सिंह ( पीएसपी कन्ट्रक्शंस) निवासी गोण्डा। 3. संतोष कुमार सिंह निवासी गोण्डा को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया है।
पूछताछ विवरण-गिरफ्तार अभियुक्त विनय शर्मा द्वारा पूछताछ में बताया गया कि महेश त्रिपाठी तत्कालीन शाखा प्रबंधक नहरबालागंज व सह अभियुक्त समरजीत सिंह से मिलीभगत करके गलत तरीके से अलग अलग समय पर फर्जी लोन खाता बनाकर लगभग 46 लोन धारकों के 08 करोड़ 09 लाख 87 हजार रुपए व 40 अदद मुद्रा लोन के खातो का 03 करोड़ 93 लाख 50 हजार रुपए का गबन किया गया । विनय शर्मा लोन अप्रूवर लेवल एस-1 के पद पर कार्यरत था जो लोन सॉफ्टवेयर पर फर्जी एलआईसी पॉलिसी नम्बर की इन्ट्री कर लोन अप्रूवल का पहले चरण का कार्य करता था । जिसके बाद बैंक मैनेजर महेश त्रिपाठी द्वारा फाइनल अप्रूवल करने के उपरांत लोन का पैसा अनधिकृत रूप से कैश अथवा अकाउन्ट ट्रांसफर के माध्यम से पीएसपी कंसट्रक्शन के मालिक समरजीत सिंह व उसके सहयोगियों को भेज दिया जाता था। पीएनबी सर्किल ऑफिस अयोध्या द्वारा प्रथम बार 31 नॉन बॉरोवल ओ0डी0 खातों के संबंध में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। तत्पश्चात 14 बॉरोवल ओ0डी0 खातों के संबंध में अलग-अलग अभियोग पंजीकृत कराए गए हैं जिसमें भी विनय शर्मा वांछित है।







