PRAYAGRAJ NEWS: बृहस्पतिवार कटघर स्तिथ बोरा वाली गली मे काली माता का मंदिर मे स्वांग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंदिर मे पूजा अर्चना होने के बाद माँ भगवती खुद पैदल चलकर भक्तों के पास जाती है हाथ में खप्पर और गले में मुंडमाला पहने कलाकार काली की वेशभूषा पहन सड़कों पर नृत्य करते हुए निकला,जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया यहां सड़क पर रामायण के एक खास प्रसंग का स्वांग किया जाता है इसे ‘काली स्वांग’ कहा जाता है।बृहस्पतिवार को मां काली के वेश में पात्र खुद सड़क पर निकला उसके हाथ में भुजाली लहराती नजर आयी।
गंगा यमुना तहजीब सेवा संघठन के नेतृत्व मे यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्ष सत्येंद्र सोनकर ने बताया की यह मान्यता 200 सौ वर्ष पुरानी है परंपरा: कहा जाता है कि यह परंपरा 200 वर्ष पुरानी है और इस दिन का भक्त बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं रात-रात भर जागकर काली मां के दर्शन करते हैं काली मां खुद पैदल चलकर लोगों के पास जाती हैं और भक्तों को दर्शन देती हैं यह नजारा कहीं और देखने को नहीं मिलता. उनके इस रूप के विदेशी भी कायल हैं। कार्यक्रम का शुभारम्भ कटघर बोरा वाली गली स्तिथ माँ काली मंदिर मे पूजा अर्चना करने के बाद बलुआघाट मे स्तिथ बरुआ बाबा मंदिर मे भक्तो को दर्शन देने के बाद समापन हुआ। इस अवसर पर पार्षद सतीश केसरवानी,अध्यक्ष सतेंद्र सोनकर,प्रबंध राजन शुक्ला, विशेषरूप आमंत्रित आमिर अन्सारी उर्फ़ गाज़ी कोषाध्यक्ष गोला सोनकर, उपाध्यक्ष अजय आग्रहरी कलाकार साहिल कुमार,राहुल साहू, गौरव चंद्रा, कार्यकारणी सदस्य कविता, पारुल, रुपाली, नीरज केसरवानी, प्रदीप चौहान, अमित हिमांशु, दीपू निषाद, शुभम, सचिन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उपस्तिथ रहे।







