PRAYAGRAJ NEWS: पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर कमिश्ररेट प्रयागराज व सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा के पर्यवेक्षण में थाना खीरी प्र०नि०कृष्ण मोहन सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना खीरी पुलिस टीम से उपनिरीक्षक दीन दयाल यादव व कांस्टेबल अंकित सिंह द्वारा 21 जुलाई 2025 को समय लगभग 9.50 बजे मु0अ0सं0 84ध्25 धारा 108ध्238बीध्351(3) बीएनएस से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त संजय पुत्र रामप्रवेश निवासी कौंदी थाना खीरी जनपद प्रयागराज उम्र करीब 30 वर्ष को थाना खीरी क्षेत्र के कोंदी पुल के पास नहर बहदग्राम कौंदी के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया। क्या था पूरा मामला: 17 जून 2025 को आवेदक भोला चैहान पुत्र राम अवतार निवासी पहाडपुर बिहार द्वारा सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा के समक्ष पेश होकर विपक्षीगण ससुरालीजनों द्वारा आवेदक की बहन राधिका को लगातार प्रताडित करना मारपीट करना, शोषण करना जिससे बहन राधिका द्वारा क्षुब्ध होकर फाँसी लगाकर आत्महत्या कर लेना, ससुराली जनों को बिना सूचना दिये शव को जला देना तथा शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया था।जिस पर सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा के आदेश के क्रम में थाना स्थानीय पर अभियुक्तगण संजय पुत्र रामप्रवेश,उपेन्द्र पुत्र रामप्रवेश,रविन्द्र पुत्र रामप्रवेश,रामप्रवेश पुत्र अज्ञात (ससुर) नि०गण ग्राम कौंदी थाना खीरी जनपद प्रयागराज के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था। जिसकी विवेचना कर रहे थाना खीरी के उ०नि०दीनदयाल यादव द्वारा घटना वाले दिन से ही सम्बन्धित अभियुक्तगण की लगातार तलाश व सुराग व पतारसी की जा रही थी पूछताछ का विवरण: गिरफ्तार संजय पुत्र रामप्रवेश पुलिसिया पूछताछ में बताया है कि 12 जून 2025 को रात करीब 8 बजे मैं चाकघाट से मजदूरी करके घर वापस आया तथा रास्ते से आधा किलो मुर्गा बनाने के लिए लिया था। घर पहुंचने पर राधिका से कहा कि मुर्गा लाया हूँ बना दो तो राधिका कहने लगी कि मैंने करैले की सब्जी व रोटी बना दी हैं तुम मुर्गा बनाकर खा लो मैं नहीं खाऊँगी तथा इसी बात को लेकर मुझे गालियाँ देने लगी मैं भी गाली दिया इसी बात को लेकर वाद विवाद हुआ तो मैं अपना मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना चाहा तभी मेरा मोबाइल छीनकर अन्दर जाकर दरवाजा बन्द कर लिया।मैंने सोचा गुस्से में है।गुस्सा शान्त हो जायेगा तो दरवाजा खोल देगी।काफी देर होने पर समय करीब 10 बजे रात मेरा छोटा लड़का अवधराज जाग गया तथा रोने लगा तब मैंने दरवाजा पीटा कि दरवाजा खोलो लड़का रो रहा है।जब काफी पीटने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तबतक पड़ोस के दो तीन लोग आ गये। जिनकी मदद से दरवाजे को कई बार जोर से धक्का मारा जिससे दरवाजा खुल गया। जैसे ही अन्दर पहुँचे तो देखा कि राधिका अपनी साड़ी से लोहे के रॉड में फाँसी का फन्दा बनाकर फाँसी लगा ली है तथा लटक रही है।जल्दी से ऊपर उठाया और लोगों की मदद से साड़ी काटकर नीचे उतारा तब तक राधिका की मृत्यु हो चुकी थी।गांव के काफी लोग आ चुके थे। घर पर मेरे जीजा अजय का ठेला खड़ा था।जिसपर राधिका के शव को रखकर अपने घर ले गया। जब गांव के लोग चले गये तो पुलिस के डर से घर पर रखी लकड़ी जो खपरैल छाने के लिए रखी थी।उसी को घर के पास अपने खेत में इकट्ठा रखा तथा राधिका के शव को लकड़ियों के ऊपर रखकर रात समय करीब 3 बजे आग लगा दी।सुबह होने के पूर्व राधिका की लाश जल चुकी थी। अभियुक्त द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करते हुए शेष सफाई अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में देना बताया है।







