FATEHPUR NEWS: जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियम पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है, वहीं दूसरी ओर जनपद फतेहपुर की खागा तहसील के वकीलों ने इस नियम के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को खागा तहसील परिसर में एससी एवं पिछड़ा वर्ग के अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी अभिनीत कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं ने एसडीएम को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से बताया कि सरकार द्वारा “उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026” के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव समाप्त करने की दिशा में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अधिवक्ताओं का कहना था कि यह नियम सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा और विश्वविद्यालयों में वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करेगा। वकीलों ने कहा कि यूजीसी नियम 2026 का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता, पारदर्शिता और समावेशिता को बढ़ावा देना है, इसलिए वे इस नियम का पूर्ण समर्थन करते हैं और सरकार से इसे प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से अधिवक्ता हनुमान सिंह, कुलजीत चौधरी, अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, चंदन यादव, धर्मेंद्र, पप्पू, शिव सिंह, मालखान सिंह यादव, अंकित यादव, फूल सिंह, नीरज वर्मा, चंद्रभान सहित सैकड़ों अधिवक्ता एवं सामाजिक वर्गों के लोग उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सामाजिक न्याय के लिए बनाए गए इस नियम को किसी भी हालत में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।







