पुलिस एवं सपाइयों के बीच हुई तीखी झड़प
FATEHPUR NEWS: फतेहपुर जनपद के अजरौली पल्लावा गांव में हुई हत्या के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रविवार दोपहर को बांदा के पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद बालकुमार पटेल जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे तो उन्हें पुलिस ने कौशांबी जिले के नारा बॉर्डर पर रोक लिया। रोकने की खबर मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। यह घटना पइंसा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां फतेहपुर जिले की धाता और खखरेरू पुलिस ने बालकुमार पटेल के काफिले को रोक लिया। पुलिस और कार्यकर्ताओं में तनातनी के चलते लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें एक एम्बुलेंस भी आधे घंटे तक फंसी रही। यह स्थिति तब बनी जब काफिले को गांव में जाने से रोका गया। जाम और तनाव की सूचना पर खागा सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामला शांत कराने का प्रयास किया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब एक सपा कार्यकर्ता ने सीओ का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं में तीखी बहस हुई और स्थिति तनावपूर्ण बन गई। लगभग एक घंटे तक टकराव चलता रहा, लेकिन प्रशासन की समझाइश के बाद पूर्व सांसद बालकुमार पटेल का काफिला पइंसा थाना क्षेत्र के उदहीन खुर्द गांव में रुक गया, जहां वे अपने रिश्तेदार राजेश सिंह के घर पर रुके।
बालकुमार पटेल ने क्या कहा?
पूर्व सांसद बालकुमार पटेल ने आरोप लगाया, “मैं कबरहा मंदिर में दर्शन कर रहा था, फिर एक तेरहवीं भोज में कलनापुर गांव जा रहा था, लेकिन पुलिस ने बेवजह हमारे काफिले को रोक दिया।” आगे उन्होंने शासन – प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि शासन – प्रशासन हत्या के आरोपी श्याम पांडे को सिरफिरा घोषित करने में लगा है। गिरफ्तारी के बाद उसे धाता के सरकारी अस्पताल में ड्रिप लगवाया गया और थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। भाजपा के क्षेत्रीय विधायक कृष्णा पासवान क्षेत्र के अमन चैन में बाधक हैं, जो समाज के भाईचारे को प्रभावित कर रहे हैं।
सरकार पर तानाशाही का आरोप
कुर्मी महासभा के राष्ट्रीय सचिव मानसिंह पटेल ने कहा कि सरकार किस अमृत काल की बात कर रही है। इस सरकार के रहते केवल उत्तर प्रदेश में सैकड़ों पटेलों की हत्याएं हुई हैं। क्या पटेल लोगों की बलि से ही अमृत काल फलीभूत होगा। आज हमें पीड़ित परिवारों के आंसू पोछने से रोका जा रहा है।
क्या है पूरा मामला, जिस पर रोक लगी?
26 अगस्त 2025 को फतेहपुर जिले के धाता थाना क्षेत्र के अजरौली पल्लावा गांव में केशपाल सिंह पटेल की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी गई थी। हमलावर का नाम श्याम जी पांडेय बताया गया है, जिसने दो अन्य लोगों को भी गंभीर रूप से घायल किया। घायलों का इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में काफी तनाव का माहौल है।
नेताओं को लगातार रोका जा रहा
शुक्रवार को सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरएस पटेल को बनारस से आते समय कोखराज पुलिस ने रोका और वापस भेज दिया। शनिवार को सिराथू विधायक पल्लवी पटेल को भी पुलिस ने गांव में जाने से रोका, लेकिन उन्होंने पुलिस को चकमा देकर एक बाइक से सफर कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।







