KUSHINAGAR NEWS: गन्ना विकास से ही किसान, गांव और चीनी मिल का विकास होगा, ये बातें बिरला ग्रुप की कि उ०प्र०, बिहार, चीनी मिलों के कार्पोरेट केन हेड राजीव शर्मा ढाढ़ा चीनी मिल के गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कही। उन्होंने कहा गन्ना पेराई सत्र 2024-25 में अवध चीनी मिल ढाढ़ा को 60407 किसानों ने अपना गन्ना आपूर्ति किया था। इन किसानों के परिवार के विकास का आधार गन्ना फसल है। कृषकों एवं गांव के सर्वांगीण विकास में गन्ना फसल की अहम भूमिका है। इसकी जानकारी ये आकड़े पढ़कर जान सकते हैं। वर्ष 2024-25 में 60407 गन्ना किसानो को जिन्होंने अपना गन्ना ढाढ़ा चीनी मिल को बेचा है। उनको 31383 लाख रुपया गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। इससे किसान खुशहाल होंगे।
किसान की आय तभी बढ़ेगी, जब उपज 400 कुन्तल प्रति एकड़ हो। यह तभी सम्भव है जब एक एकड़ खेत में 40 हजार गन्ने की संख्या हो। इसके लिए गांव स्तर पर आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तकनीकी जानकारी दिया जाए। सहायक उपाध्यक्ष ‘गन्ना’ श्री रविंद्र कुमार सिंह व श्री मनोज कुमार विश्नोई को निर्देश दिया कि कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमो में उपस्थित कृषकों से शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए बीज गन्ना की मांग नोट करें तथा उनको समय से बीज गन्ना जो सबसे अधिक उपज्ञ दे, को. 0118, को. 15023, को. शा. 13235, को. लख.14201 उपलब्ध करायें। गन्ना कृषि यंत्रों से जिन खेतों की बुवाई- कटाई, गुड़ाई, मिट्टी चढ़ाया गया हो उसे अन्य किसानों को दिखाये। जिससे उनमे विश्वास हो। दिनांक 9 व 10 सितंबर को आयोजित शरद कालीन गन्ना गोष्ठी ग्राम बरसैना, नौमुण्डा, इनरहा, सकरौली में बुवाई के लिए बीज गन्ना की मांग करने वाले कृषकों का विवरण सहायक उपाध्यक्ष गन्ना श्री मनोज बिश्नोई ने दिखाया। श्री राजीव शर्मा को पूर्व सहायक निदेशक एवं गन्ना विशेषज्ञ ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सितंबर अक्टूबर नवंबर माह में शरद कालीन गन्ना बुवाई के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृषकों को शरदकालीन गन्ना बुवाई से लाभ, चार फुट की दूरी पर गन्ना बुवाई, गन्ना कृषि यंत्रो का प्रयोग, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग, सहफसली खेती आदि विषयों पर जानकारी दी जा रही है। फोटोग्राफ दिखाकर सहफसली खेती से लाभ समझाया जा रहा है तथा बीज गन्ना की मांग नोट किया जा रहा है। बैठक के बाद श्री राजीव शर्मा ने अधिशासी अध्यक्ष श्री आर.के. गुप्ता के साथ गांव का भ्रमण किया, गन्ना फसल देखा तथा ग्राम बलुआ में चौपाल लगाकर विचार विमर्श किया। अधिक क्षेत्रफल में गन्ना बोने की अपील की।







