आदिवासी समाज ने एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
PRAYAGRAJ NEWS: तहसील कोरांव अंतर्गत ग्राम बरनपुर में कुर्कशुदा भूदान भूमि पर अवैध कब्जे और जबरन खेती किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कोरांव को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि तथाकथित सर्वोदय मंडल से जुड़े कुछ लोगों ने प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए कुर्क की गई भूमि पर जबरन जुताई-बुवाई कर दी है और अब उस पर उगी फसल की सिंचाई भी की जा रही है। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम बरनपुर निवासी प्रार्थीगण वर्षों से उक्त भूदान भूमि को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आरोप है कि बलिराम सिंह पुत्र राज नारायण, विद्यानंद, विवेकानंद, दयानंद पुत्र अमरपाल, रोहिणी पाल, रोहित पाल पुत्र देवनारायण, दिनेश पाल पुत्र बिहारी लाल, राम कैलाश पुत्र जगन्नाथ, कामता प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह पुत्र राजधर, संगम लाल पुत्र माधव प्रसाद, दयाशंकर पुत्र हिंगुलाल सहित अन्य लोगों ने भूदान की कुल 632 बीघा कुर्कशुदा भूमि के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से पर अवैध रूप से खेती कर ली है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इसका विरोध करते हैं तो विपक्षीगण फौजदारी पर आमादा हो जाते हैं, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रार्थीगण ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। ज्ञापन के माध्यम से उपजिलाधिकारी से मांग की गई है कि कुर्कशुदा भूमि पर अवैध रूप से बोई गई फसल को थाना अध्यक्ष कोरांव की निगरानी में एक सप्ताह के भीतर नष्ट कराया जाए। अन्यथा ग्रामीणों ने स्वयं खेतों में उतरने की चेतावनी दी है। इस दौरान मौके पर एड रज्जन कोल (एएमडी), भगौती प्रसाद कोल प्रधान, धर्मराज कोल, झून्नी लाल कोल, रोहित कोल, राहुल कोल, राजा भइया, राजकुमारी देवी, निर्मला देवी, फूलवंती, जय राजी देवी, उमरी ममता देवी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। एड रज्जन कोल ने कहा कि यदि आदिवासी समाज की मांगें पूरी नहीं हुईं तो एक सप्ताह के भीतर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।







