Home आस्था किन्नर अखाडा में आज बनेंगे 10 श्रीमहंत, महंत, महामण्डलेश्वर

किन्नर अखाडा में आज बनेंगे 10 श्रीमहंत, महंत, महामण्डलेश्वर

गंगा मैया करें सभी का कल्याण:प्रो (डा) लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

किन्नर अखाडा के आचार्य महामण्डलेश्वर पहुंचे प्रयागराज, भव्य स्वागत
PRAYAGRAJ NEWS: किन्नर अखाडा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने मुम्बई से फ्लाइट से चलकर आज प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। बडी संख्या में शिष्यों और समाजसेवियों ने आचार्य महामण्डलेश्वर का भव्य स्वागत, अभिनंदन किया।  किन्नर अखाडा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने सभी को आशीर्वाद देते हुए उनके मंगल की कामना किया। किन्नर अखाडा में शुक्रवार की दोपहर 12 बजे से पट्टाभिषेक कार्यक्रम शुरू होगा जिसमें 10 श्रीमहंत, महंत, मण्डलेश्वर और महामण्डलेश्वर का पट्टाभिषेक कार्यक्रम होगा। इस दौरान अखाडे के सभी पदाधिकारी और बडी संख्या में शिष्य शामिल होंगे। किन्नर अखाडा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने कहा कि मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती, तीर्थराज प्रयागराज और भगवान वेणी माधव सभी का कल्याण और मंगल करें। किन्नर अखाडा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने कहा कि मां गंगा आदि अनादि काल से धरती पर लोगों का कल्याण कर रही है। उन्होंने कहा कि माघ मास में संगम की रेती पर कल्पवास करते हुए भगवद भजन करने, हवन-पूजन करने और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, जो लोग माघ मास में गंगा और संगम स्नान करते हुए दान करते है उनको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में प्रत्येक सनातन धर्मी को माघ मास में आकर कल्पवास करते हुए गंगा स्नान कर दान करना चाहिए।
इसके पूर्व किन्नर अखाड़ा के संरक्षक  महंत दुर्गादास महराज, उप्र किन्नर कल्याण बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और महामण्डलेश्वर स्वामी कन्केश्वरी नंद गिरि (किरन बाबा), महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी मां), महामण्डलेश्वर स्वामी पूजानंद गिरि, महामण्डलेश्वर स्वामी गिरिनारी नंद गिरि, महा मण्डलेश्वर स्वामी भाविकानंद गिरि, श्रीमहंत सरस्वतीनंद गिरि, सोनाली नंद गिरि, भूतनाथ नंद गिरि, पिंकीनंद गिरि, हिना नंद गिरि, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता रामप्रकाश यादव, सुनील कुमार, अनूप कुमार सहित बडी संख्या में शिष्यों ने आचार्य महामण्डलेश्वर का भव्य स्वागत, अभिनंदन किया।