KAUSHAMBI NEWS: बुधवार को डायट मंझनपुर में डायट प्राचार्य निधि के नेतृत्व में दो सत्र में कौशांबी, कड़ा ,मूरतगंज व सरसवा ब्लॉक की शिक्षक संकुल की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती पर दीप प्रज्ज्व्लन व पुष्पार्चन करके किया गया । प्रारंभ में धीरज प्रवक्ता डायट ने विभिन्न एकेडमिक बिंदुओं पर निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर डाटा विश्लेषण व प्रस्तुतीकरण किया। उसके पश्चात डा. ओमप्रकाश सिंह एस आर जी ने निपुण भारत मिशन के अंतर्गत दिनांक 29 जनवरी 2026 से प्रारंभ होने वाले कक्षा एक व दो के बच्चों के निपुण आकलन से संदर्भित पीपीटी के के माध्यम से प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें निपुण विद्यालय निपुण कक्षा व बच्चों को निपुण बनाने के लिए बच्चों को ज्यादा से ज्यादा निपुण प्लस एप पर अभ्यास कराया जाए। और बच्चों की उपस्थिति हंड्रेड परसेंट सुनिश्चित करते हुए उनके साथ पठन और लेखन को विशेष वरीयता देते हुए अभ्यास कराया जाए। बच्चे वाक्य को वाक्य के रूप में पढ़े। और शब्द को शब्द के रूप में एक बार में ही पढ़े तभी निपुण आकलन में उनकी दक्षता सफल हो पाएगी। इसके लिए अभ्यास करने को कहा गया, साथ ही निपुण आकलन करने के लिए संभावित तिथियां पर बच्चों की उपस्थिति बच्चों की तैयारी को ध्यान में रखकर बच्चों का अभ्यास कराये । बच्चे विद्यालय में उपस्थित रहकर उनकी दक्षता भाषा के रूप में भी और गणित के प्रश्नों को हल करके सही उत्तर दे सकें, इसका अभ्यास कराया जाए। डी ई एल एड प्रशिक्षण के स्कूल पहुंचने पर सहज व सरल वातावरण में बच्चों को सहज बनाते हुए उनका आकलन किया जाएगा। इसी प्रकार एस आर जी डा . दिलीप कुमार तिवारी ने कक्षा तीन से कक्षा 8 तक के बच्चों का प्रत्येक माह में निपुण प्लस एप से 100% आकलन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में निपुण तालिका अपडेट होनी चाहिए और प्रत्येक कक्षा में शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ कार्य पुस्तिका पर कार्य निर्धारित तिथियां में मासिक पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार कराया जाए और कक्षा कार्य में ही बच्चों के कार्यपुस्तिका को चेक किया जाए।। और जो भी त्रुटि है उसको निर्देशित करते हुए रेखांकित करते हुए उसे दूर भी किया जाए साथ ही कार्यपुस्तिका पर बच्चों के द्वारा कार्य पूर्ण हो और बच्चों के कार्य के संदर्भ में शिक्षक का फीडबैक देते हुए हस्ताक्षर तिथि के साथ अंकित होना चाहिए ।कक्षा और विद्यालय में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए इसके लिए प्रार्थना के समय से और विद्यालय के अंतिम कालांश होने तक सभी बच्चे क्लासरूम में और शिक्षक शिक्षन करते हुए मिले। बच्चे मध्यांतर में ही प्रांगण में इधर-उधर आते-जाते दिखेंगे ,बच्चों के साथ शिक्षण में विज्ञान टूल किट के साथ व मैथ टूल किट ,टी एल एम, प्रिंट सामग्री ,पुस्तकालय का उपयोग होते हुए दिखना चाहिए। इससे बच्चे सहज और सरल तरीके से सीख पाएंगे । डॉक्टर कमलेंद्र कुमार कुशवाहा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी इस पर मार्गदर्शन, विभिन्न गतिविधियों पर समीक्षा व मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि कौशांबी जनपद प्रदेश स्तर पर समीक्षा में आठ में से पांच टास्क में टॉप पर है ।डीबीटी पेंडेंसी , यू डाइस फीडिंग, फोटो अपलोड करना ,अपार आईडी और बच्चों की उपस्थिति ऑनलाइन देना इन पांचो टास्क में कौशांबी जनपद पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर है ।साथ ही निपुण आकलन प्रैक्टिस में भी कौशांबी जनपद प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी शिक्षक,शिक्षक संकुल एवं मेंटर की सराहना किया। इस गरिमा को बनाते हुए हम सभी ऊर्जावान हैं अपने प्रदर्शन के तौर पर और बच्चों के साथ बेहतर करते हुए डायट प्राचार्य द्वारा प्रेषित रोस्टर दिवस में कक्षा 1 एवं 2 में अध्ययनरत छात्रों को निपुण बनाकर और सभी विद्यालयों को निपुण बनाएं। इससे सभी आठो ब्लॉक निपुण बनेंगे और कौशांबी जनपद भी निपुण बनेगा ।आज जो भी हमारे पास समय बचा है हम सभी को तन्मयता से त्रैमासिक शिक्षक संकुल/कार्यशाला निपुण विद्यालय बनाने के लिए अपना संपूर्ण योगदान देना है। मेहनत करना है और जो भी समय शेष है इसमें बच्चों को अभ्यास कराते हुए बच्चों को निपुण बनाने के लिए अपना संकल्प अपना प्रयास 100% देना है। जिससे पिछले वर्ष के जैसे इस वर्ष भी हमारे जनपद का परिणाम पूरे प्रदेश में टॉप 10 में रहे ऐसा हमें प्रयास करना है ।अंत में निपुण विद्यालय बनाने के शपथ के त्रैमासिक शिक्षक संकुल/कार्यशाला का समापन हुआ। सभी का संकुल को त्रैमासिक शिक्षक संकुल/कार्यशाला में उपस्थित होने के लिए आभार दिया गया। गुरुवार 22 जनवरी को चायल, नेवादा, मंझनपुर और सिराथू ब्लॉक के शिक्षक संकुल की कार्यशाला आयोजित की जाएगी।







