JALAUN NEWS: यूनोप्स द्वारा जलदूत की दो दिवसीय जलशाला का आयोजन किया गया। विकासखंड कदौरा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय (कंपोजिट 1-8) कुसमरा बावनी, उकुरुवा और परौसा ग्राम में आयोजित जलशाला में दो सौ से अधिक जलदूत, शिक्षक , शिक्षकाएं, जल सहेलियों जल परीक्षण से जुड़ी महिलाओं , पंप ऑपरेटर, ग्राम पेयजल एवं जल स्वच्छता समिति के पदाधिकारी आदि शामिल रहे। जल जीवन मिशन की स्टेजिक सेक्टर पार्टनर यूनोप्स (यूनाइटेड नेशन ऑफिस फॉर प्रोजेक्ट सर्विस) के जिला सलाहकार देवेन्द्र गाँधी ने जलदूत को प्रशिक्षित करते कहा कि जलदूत को जल संरक्षक की भूमिका में आना होगा। उन्हें प्रकृति की अमूल्य धरोहर जल के विवेकपूर्ण उपयोग, बचत, स्वच्छता, और टोटी वाले नल को सदुपयोग पर संवाद करना है। वर्षा जल चक्र को विस्तार से समझाते हुए बताया जल को सहेजने पर जोर दिया। वहीं जल जनित वायरस से फैलने वाली बीमारियों को बताया कि दूषित पानी पीने से डायरिया, हाथी पांव, हैजा, उल्टी दस्त, बुखार, सहित अन्य बीमारियों हो सकती है। इनसे बचने से लिए स्वच्छ जल पीएं। हाथों को साबुन से खाना खाने से पहले, शौच से बाद और बीमार व्यक्तियों को छूने के बाद जरूर धोए। उन्होंने सुमनके सिद्धांत को समझाते हुए हाथ धोने का सही तरीका बताया।सांप सीढ़ी खेल से जलदूतों ने जल जीवन मिशन की जानकारी से साथ साथ स्वस्थ्य आदतों और अस्वस्थ्य आदतों को समझा। अजय पांचाल, विनय कुमार, आदि ने जलदूत को जल शपथ करवाई तो वहीं इन विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षकाओं ने जलशाला में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान शिक्षक अर्चना गुप्ता, अजय कुमार पांचाल, मुकेश कुमार, कपिल , शिवम श्रीवास्तव, विनय कुमार, सहित अन्य शिक्षक शिक्षकाएं, जल सहेलियां अनुसुइया, दीपिका, सरोजनी, सोनी, रजनी, बृजनंदनी, नेहा, खुशबू, आकांक्षा सहित समस्त जलदूत शामिल रहे। टंकी पर किया विजिट और सीखी बारीकिया जलदूत के दवा टंकी पर विजिट करके पानी के संचालन के तरीके, क्लोरीन मिलने की प्रक्रिया, गांव में पानी की सप्लाई की व्यवस्था आदि को समझा। पीने की पानी की जांच को जाना जल सहेलियों पीने की पानी की जांच करने वाली महिलाओं ने एफटीके( फील्ड टेस्टिंग किट) और एचटूएस वायल की सहायता से पानी जांचने और पानी में रासायनिक तत्वों की मात्रा की जानकारी दी।







