KUSHINAGAR NEWS: गांव की ओर विलुप्त हो रही पारम्परिक कजरी गीत कार्यक्रम के तहत फागुपुर बतरौली में गेंदा प्रसाद के आवास पर कलाकारों ने सावन माह के शुभ अवसर पर मनमोहक कजरी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतुल भारती द्वारा प्रस्तुत गणेश वन्दना से हुआ। साथ ही “बसिया बाज रही वृन्दावन “से वातावरण भक्तिमय हो गया। लोक गायक सुनील कुमार मिश्र ने “कईसे खेलन जईबु सावन में कजरिया,बदरिया घिर आईल ननदी”तथा “पिया मेंहदी लिया द मोती झील से ,जाके सायकिल से ना” गीत प्रस्तुत कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।अपनी माटी की बोली भोजपुरी में गीतों को संवारने व रचने वाले धीरज राव ने “हरे रामा रिमझिम बरसे ला पनिया,झूले राजा रनिया हे हरि” प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने “शिव शंकर चढे कैलाश बुनिया पडने लगी” के साथ ही माता रानी की गीत प्रस्तुत की। प्रभुनाथ प्रसाद ने “खोली न आपन नयनवा,हो शंकर दानी”गीत को सभी ने सराहा। नाल पर रवि पाठक व झाल पर सुनील संगम ने संगत की। सभी के प्रति आभार गेंदा प्रसाद ने प्रकट की।रामाश्रय प्रसाद सुरेश प्रसाद गुप्त चन्द्रिका शर्मा,जनार्दन आचार्य, मनीष गुप्त ,धर्मेन्द्र साहू ,राजन राव,मदनमोहन अग्रहरि,बंशराज शर्मा ,इन्द्रासन प्रसाद ,रमाशंकर गोंड, रामाश्रय सिंह ,जनार्दन सिंह, तप्पी देवी ,सत्यप्रकाश उपस्थित रहे।







