मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में हो रही अनियमितताओं पर हुई चर्चा, मुख्य चुनाव आयोग को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपने का लिया गया निर्णय
BHADOHI NEWS : इंडिया गठबंधन के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को सपा के कंसापुर स्थित जिला कार्यालय हुई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हो रही अनियमितताओं और पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने से संबंधित बढ़ती शिकायतों पर चर्चा की गई। इस दौरान कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता इंद्रदेव पाल ने कहा कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रीढ़ है। यदि इसमें ही गड़बड़ी होगी तो चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव व भदोही विधायक जाहिद बेग ने कहा कि भदोही सहित कई क्षेत्रों में पात्र मतदाताओं के नाम बिना जांच हटाए जा रहे हैं। यह जनता के मतदान के अधिकार का हनन है। जिसे इंडिया गठबंधन बर्दाश्त व स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन जनहित के हर मुद्दे पर एकजुट है। यदि प्रशासन ने तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो इसको लेकर आंदोलन जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक किया जाएगा। कांग्रेस कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय व जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की पक्षधर रही है। (एसआईआर) में हो रही अनियमितताएं लोकतंत्र की जड़ पर प्रहार हैं। हम इसे हर स्तर पर उठाएंगे। कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर पात्र मतदाताओं को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। वक्ताओं ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलनी है। परंतु पांच दिन बीत जाने के बावजूद अधिकांश ग्रामों में बीएलओ द्वारा अभी तक फार्म उपलब्ध नहीं किए गए। जिससे ग्रामीण मतदाताओं में नाराजगी व असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से सौंपा जाएगा। जिसमें एसआईआर में हुई अनियमितताओं की जांच और सुधार की मांग की जाएगी।
इस मौके पर हृदय नारायण प्रजापति, शोभनाथ यादव, मो.हसनैन अंसारी, राजेश्वर दुबे, कामिल अंसारी, बनारसी सोनकर, संतोष यादव, भानसिंह मौर्य, सलाउद्दीन अंसारी, धर्मेंद्र मिश्र पप्पू, त्रिलोकीनाथ बिंद, केशनाराण यादव, ज्ञानप्रकाश प्रजापति, नाजिम अली, अवधेश पाठक, रामबाबू गुप्ता, रंजित कन्नौजिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।







