जिलाधिकारी ए डी एम के नेतृत्व टीम बनायें,सील कवर रिपोर्ट पेश की जाय
ध्वस्तीकृत प्लाट पर किसी निर्माण पर कोर्ट ने लगा रखी है रोक
विधि संवाददाता प्रयागराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के एलनगंज मोहल्ले में रामप्रिया रोड स्थित विवादित नवीन पर्ती के दो प्लाटों का सीमांकन करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को ए डी एम की एक टीम बनाकर राजस्व विभाग के स्किल्ड अधिकारियों के जरिए दोनों प्लाटों का चिन्हीकरण करके 8अप्रैल को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।और प्रयागराज विकास प्राधिकरण को याचिका पर जवाब दाखिल करने का एक अवसर और दिया है।
कोर्ट ने कहा विवाहित प्लाट पर स्थित भवन को एस डी एम सदर के आदेश से ध्वस्त करने का आरोप है। कोर्ट ने पहले ही एस डी एम को ध्वस्तीकरण के बाद प्लाट पर किसी प्रकार के निर्माण करने पर रोक लगा रखी है।
गोपाल कृष्ण व नौ अन्य की तरफ से दाखिल याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति अजित कुमार तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने की।
कोर्ट के निर्देश पर एस डी एम ने अनुपालन हलफनामा दाखिल किया।
याची का कहना है कि निर्माण ध्वस्त करने का आदेश देने का एस डी एम को अधिकार नहीं है।जमीन नगर निगम की है।याची बने भवन में निवास करता है।जिसका ध्वस्तीकरण किया गया है।
कोर्ट ने कहा ध्वस्तीकरण किस प्लाट का किया गया है स्पष्ट नहीं।प्लाट 27या 28का। कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण से जवाब मांगा है कि क्या ध्वस्तीकरण किया गया है यदि हां तो किस प्लाट का ।पी डी ए अधिवक्ता विनीत पांडेय ने एक हफ्ते का समय मांगा।
विपक्षी गण 5व 6ने कहा कि प्लाट 28का बैनामा लिया है वह उसके स्वामी है।यह प्लाट प्राइवेट पार्टी के नाम दर्ज है।एस डी एम का आदेश इस प्लाट के बारे में नहीं है।
याची ने प्लाट 28पर भी अपने मकान का दावा किया जिसका विपक्षी ने कड़ा विरोध किया।
इसपर कोर्ट ने कहा यह जरूरी है कि दोनों प्लाटों की चौहद्दी तय की जाय। इसलिए दोनों प्लाटों का सीमांकन होना जरूरी है।यह जमीन मौजा करनपुर में स्थित है।
कोर्ट ने कहा दोनों पक्षों की मौजूदगी में प्लाटों का सीमांकन किया जाय।और सील कवर रिपोर्ट पेश की जाय। याचिका की अगली सुनवाई 8अप्रैल को होगी।याची ने बैनामे की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं।





