साइबर थाना पुलिस ने पांच आरोपितों को दबोचा, कई राज्यों में 50 से अधिक केस जुड़े
JALAUN NEWS: पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देशन में साइबर थाना टीम ने एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो लैपटॉप, दो चार्जर, दस मोबाइल फोन, सात डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नौ सिम कार्ड और 6500 रुपये नकद बरामद किए। रविवार को साइबर थाना टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक चुर्खी बाईपास रोड स्थित इकलासपुरा चौराहे पर खड़े हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांचों युवकों को दबोच लिया। बरामद मोबाइल व सिम की आईएमईआई जांच एनसीआरपी पोर्टल पर की गई तो सामने आया कि इनके जरिए झारखंड, मध्यप्रदेश, केरल, मणिपुर, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज 50 से अधिक ऑनलाइन ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे फ्रेशरवर्ल्ड डॉट कॉम, शाइन कॉम और क्विकर डॉट कॉम जैसी वेबसाइट से नौकरी चाहने वालों का डाटा खरीदते थे। इसके बाद फर्जी सिम कार्ड से कॉल और मैसेज कर उम्मीदवारों से संपर्क साधते थे। एयरपोर्ट और अन्य प्रतिष्ठित जगहों पर नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे रजिस्ट्रेशन, मेडिकल, यूनिफार्म और ट्रेनिंग शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। ठगी के बाद वे सिम कार्ड तोड़कर फेंक देते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान धीरज सिंह पुत्र स्व. भोला सिंह निवासी ग्राम सैड़वा थाना गजनेर (कानपुर देहात), सुमित सिंह पुत्र तेज सिंह निवासी ग्राम परौख थाना मंगलपुर (कानपुर देहात, गैंग का मास्टरमाइंड), उदय प्रताप सिंह पुत्र दिनेश सिंह निवासी ग्राम बघौरा नियामतपुर थाना सिरसाकलार (जालौन), अमरजीत सिंह पुत्र स्व. इन्द्रवीर सिंह निवासी ग्राम हैदलपुरा थाना माधौगढ़ (जालौन) और दीपक सिंह पुत्र अनुरूद्ध सिंह निवासी ग्राम मिहौनी थाना माधौगढ़ (जालौन) के रूप में हुई है।
गैंग के सदस्य दीपक सिंह पहले तिहाड़ जेल जा चुका है और इसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार मौर्या, एसआई आयुष गुप्ता, एसआई शिवेंद्र परमार, कांस्टेबल अरियंत दुबे और अक्षत सारस्वत शामिल रहे।







