फोन न उठने पर बहन को हुआ शक
अशोक मूल रूप से गांव खारीबांस के रहने वाले थे और पिछले दो वर्षों से कौशिक विहार कॉलोनी में मांगे राम के मकान में किराए पर रह रहे थे। सरसावा के सावन विहार में रहने वाली उनकी बहन पिंकेश ने मंगलवार सुबह भाई को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। शक होने पर वह अपने बेटे प्रीत के साथ भाई के घर पहुंची।
सीढ़ी लगाकर खोला गया दरवाजा
घर का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद प्रीत ने सीढ़ी लगाकर घर में प्रवेश किया और किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देख परिवार के होश उड़ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
तमंचा बरामद, आत्महत्या की आशंका
मौके से पुलिस को एक तमंचा भी बरामद हुआ है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए।
पिता भी थे संग्रह अमीन
बताया गया है कि अशोक के पिता सुरेंद्र भी तहसील में संग्रह अमीन थे। उनके निधन के बाद अशोक को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। फिलहाल सामूहिक आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।