Home उत्तर प्रदेश एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा औरैया पहुंची

एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा औरैया पहुंची

AURAIYA NEWS: सर्व सेवा संघ वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पहुंचने वाली 30 दिन की पदयात्रा कानपुर देहात सिकंदरा से चलकर औरैया पहुंची। यात्रा ने रात्रि विश्राम शहर के हाईवे रोड स्थित साईं धाम आश्रम में किया। शनिवार की दोपहर साईं धाम से प्रारंभ हुई। यह यात्रा हाईवे रोड देवकली चौराहा होते हुए सुभाष चौक पर पहुंची। सुभाष चौक पर स्वतंत्रा संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद शहीद पार्क स्थिति स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके उपरांत शहर के तिलक इंटर कॉलेज में पहुंची जहां पर महात्मा गांधी द्वारा लगाए गए  मॉलश्री के पेड़ का अवलोकन किया। इसके बाद पदयात्रा के दौरान विद्याधर मास्टर ने जनता को संबोधित करते हुए कहा-“भारत के संविधान ने यहां की प्रजा को नागरिक अधिकार दिए हैं, और यह एक युगांतरकारी परिवर्तन है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान रूप से वोट का अधिकार देकर सभी को एक कतार में खड़ा कर दिया है। वोट का यह व्यक्तिगत अधिकार न केवल प्रतिनिधि चुनने का अधिकार देता है, बल्कि हर पाँच वर्ष में उन्हें बदलने का भी अवसर प्रदान करता है।परंतु वर्तमान सरकार जनता की इस राजनीतिक हैसियत को समाप्त करना चाहती है और इस प्रकार संविधान प्रदत्त वोट के अधिकार को निष्प्रभावी बना देना चाहती है। चुनाव आयोग, जो एक संवैधानिक संस्था है, उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। बिहार में किए गए विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एस आई आर) को वोट के अधिकार को सीमित करने के हथकंडे के रूप में प्रयोग किया गया है। पैसे और नौकरशाही के बल पर वोटों की गिनती में हेराफेरी तथा हारे हुए उम्मीदवारों को जीत का फर्जी प्रमाण पत्र देने की घटनाएँ लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला हैं. संबोधित करते हुए अरविंद अंजुम (मंत्री, सर्व सेवा संघ) ने कहा-“यह यात्रा राजघाट, वाराणसी से निकली है, उसी स्थान से जहां विनोबा जी की प्रेरणा से 1960 में ‘साधना केंद्र’ नामक परिसर की स्थापना की गई थी। लेकिन 2023 में यह ‘मतवाली सरकार, यह ‘मदहोश सरकार’, जिसे न आज़ादी आंदोलन के आदर्शों की परवाह है, न सूफी-संतों की परंपरा की, न भारत की उदारवादी विरासत की- उसने यह दुस्साहस किया कि विनोबा जी द्वारा स्थापित आश्रम को ‘फर्जी’ घोषित कर दिया। जबकि वह ज़मीन रेलवे द्वारा खरीदी गई थी, और उसका पंजीकरण क्रमांक (पैनामा) 60, 61, 70 है। फिर भी सरकार ने कहा कि यह ज़मीन गलत तरीके से हथियाई गई है। विनोबा भावे ने 80 हज़ार किलोमीटर पदयात्रा की, 48 लाख एकड़ ज़मीन लोगों से दान में मांगी- जिसे दुनिया भूदान आंदोलन के नाम से जानती है और उसमें से लाखों एकड़ ज़मीन भूमिहीनों को दी गई। उसी विनोबा भावे पर यह सरकार आरोप लगा रही है कि उन्होंने 13 एकड़ ज़मीन फर्जीवाड़े से ले ली।यह बेशर्म सरकार न परंपरा की परवाह करती है, न सच्चाई, सद्भाव, संविधान या लोकतंत्र की।जब सरकार को कोई परवाह नहीं है, तो यह नागरिकों का दायित्व बनता है कि वे परवाह करें। जिस प्रकार यह सरकार हमारे मूल्यों को नष्ट करने पर तुली है, उसे नियंत्रित और निर्देशित करना हमारा कर्तव्य है।इसी उद्देश्य से हम यह पदयात्रा लेकर निकले हैं – ताकि बंधुत्व और विरासत को बचाया जा सके। यह वही विरासत है जो बुद्ध और चार्वाक से शुरू होती है; जो ज्योतिबा फुले, अंबेडकर, गांधी, भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण, पेरियार, सावित्रीबाई फुले जैसे महान पूर्वजों से होकर आगे बढ़ती है। दुनिया के वे सभी व्यक्ति हमारे पूर्वज हैं जिन्होंने इंसानियत की यात्रा को बेहतर बनाने में अपना योगदान दिया है। यह पदयात्रा इन्हीं मानवीय विरासतों को बचाने के लिए निकली है।” पदयात्रा का साईं धर्मशाला में स्वागत किया गया। स्वागत करने एवं पदयात्रा में शामिल रहने वालों में सरिता सिंह ( जिला अध्यक्ष कांग्रेस), मखलू पाण्डेय ( मठाधीश, साईं मंदिर, महानगर कॉर्डिनेटर,औरैया), दिलीप तिवारी ( नागरिक), प्रवीण गुप्ता ( जिला प्रवक्ता कांग्रेस), अशोक शर्मा ( नागरिक), शिव नाथ सेंगर ( जिला सचिव), राजू तिवारी ( एनजीओ अध्यक्ष फ्रंटल), आशुतोष दुबे ( एन एनएसयूआई ), महेंद्र यादव ( पूर्व महासचिव कांग्रेस), रानू दुबे,रामानंद चौबे, मखलू पांडे, ब्रजकिशोर उर्फ व्रदर पाण्डेय ( वरिष्ठ नागरिक), रामानंद चौबे ( प्रदेश सचिव किसान कांग्रेस) एवं आनन्द कुशवाहा, चंद्रशेखर अग्निहोत्री, लल्लन दुबे के द्वारा किया गया। यात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी चंदन पाल, अरविंद कुशवाहा, नंदलाल मास्टर, अरविंद अंजुम, सोमनाथ रोड़े, भूपेश भूषण, सतीश मराठा, गौरांग महापात्रा, ध्रुव भाई, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, अनोखेलाल, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन,अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, निधि, सुमन, प्रवीण, दीक्षा, बृजेश, टैन, सचिन, हेतवी, सत्येंद्र सिंह, सूरज माते,भागीरथी, अमर सिंह, तेजस्विता, जेबा, राधे श्याम,दिनेश कुमार, दलपत सिंह धुर्वे आदि रहे।