JALAUN NEWS: अंतरराष्ट्रीय विश्व शांति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम स्टेशन रोड़ सिटी सेंटर में आयोजित किया गया जिसमें मौन साधना परिवार ने उरई शहर में प्रेम एकता और शांति का संदेश फैलाने के लिए एक विशाल शांति यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में सैकड़ों साधकों ने शंखनाद के साथ हिस्सा लिया, जिसने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। मौन साधना परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व में प्रेम एकता और सौहार्द को बढ़ावा देना था। यात्रा के दौरान साधकों ने संदेश दिया कि धर्म मजहब और सिद्धांतों के भेदभाव को भूलकर मानवता को एकजुट करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में सभी धर्मों के विद्वानों ने प्रेम और संगठन के समर्थन में प्रवचन दिए जिसमें ईश्वर साक्षात्कार और सुख-शांति के महत्व पर जोर दिया गया।
मौन साधना परिवार के प्रवक्ता ने कहा आज विश्व में प्रेम और एकता का अभाव है। सिद्धांतों के नाम पर मानव-मानव के बीच विनाश हो रहा है। हम सभी को 15 मिनट की मौन साधना के माध्यम से एकता और शांति का मार्ग अपनाना चाहिए।उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि मानव हृदय में परिवर्तन हो तो विश्व को साकेत जैसा बनाया जा सकता है।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने चेतावनी दी कि प्रकृति और समय के संकेतों को नजरअंदाज न करें। प्रकृति विपरीत दिशा में जा रही है और एकता ही इसका समाधान है। यदि हम एक साथ नहीं रह सकते, तो एक साथ मिट जाएंगे। कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य रूप से रघुवीर शरण द्विवेदी हमीरपुर,गायत्री प्रसाद वियोगी मऊ, रानीपुर, झांसी, अरुण कुमार बाबई, आशीष राजपूत ,चंद्रपाल , जालौन,अशोक कुमार दीवोलिया, तुलाराम राजपूत, रघुवीर राजपूत, देवी सिंह राजपूत, भवानी सिंह परिहार, महेंद्र कुमार, खलक सिंह कट्यारी, सरीला, विजय सिंह निषाद, मथुरा प्रसाद सरीला, अर्पण, शत्रुघ्न सिंह शिक्षक, खूबचंद्र आचार्य, मोतीलाल, संदीप कुमार, राजेश कुमार गौतम, शिव कुमार, गोपीचंद सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।मौन साधना देवस्थान पर आयोजित इस कार्यक्रम में माताओं के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी। आयोजकों ने सभी शहरवासियों से अपील की कि वे प्रतिदिन सायं 6:50 से 7:05 तक 15 मिनट की मौन साधना करें, ताकि विश्व में शांति और एकता स्थापित हो सके। यह आयोजन न केवल उरई, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और एकता का संदेश फैलाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।







