FATEHPUR NEWS: धाता क्षेत्र में बुधवार को महिलाओं के लिए आयोजित ‘उत्सव-ए-डांडिया’ ने पूरे नगर में सनातनी संस्कृति और उत्साह की छटा बिखेर दी। पारंपरिक पोशाकों में सजी महिलाएं गरबा और डांडिया की थाप पर उमंग के साथ झूम उठीं और डांडिया की महफिल में सांस्कृतिक रंग व आनंद की लहर दौड़ गई। मंच पर झिलमिलाती सजावट और संगीत ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी उपस्थित महिलाएं संस्कार, सौंदर्य और सांस्कृतिक आत्मीयता का अद्भुत अनुभव साझा करती हुई दिखाई दीं। इस आयोजन को सफल बनाने में सीमा केशरवानी, शिखा केशरवानी, दीपा केशरवानी और नीतू केशरवानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर अध्यक्षा सीमा केशरवानी ने कहा कि उत्सव-ए-डांडिया केवल उत्सव नहीं बल्कि हमारी सनातनी संस्कृति, आपसी मेल-जोल और महिलाओं की ऊर्जा का प्रतीक है। वहीं शिखा केशरवानी ने कहा कि धाता की महिलाएं इस आयोजन के माध्यम से अपनी संस्कृति जोश और सौंदर्य का बेहतरीन उदाहरण पेश करती हैं। वहीं कार्यक्रम के समापन पर दीपदान हुआ जिसमें उपस्थित महिलाओं ने सौभाग्य और समृद्धि की कामना के साथ दीप प्रज्वलित किए। दीपों की जगमगाहट ने पूरे कार्यक्रम स्थल को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक भावना से भर दिया। ‘उत्सव-ए-डांडिया’ ने धाता क्षेत्र में सनातनी संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक उत्साह का जश्न मनाया और यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का चमकता प्रतीक बनकर उभर रहा है। इस भव्य आयोजन में रीना केशरवानी, ममता, सुधा, अंशिका जायसवाल, शबनम यादव, निशा, राधा, नीतू, सविता, अंजना, शोभा, खुशबू, पिंकी, मनीषा, पिंगला, अंजली, आरती, प्राची, पुष्पा, सुषमा, बबिता, दीपा सिंह, पूजा सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।







