Home आस्था उठहु राम भंजहु भवचापा मेटहु तात जनक परितापा

उठहु राम भंजहु भवचापा मेटहु तात जनक परितापा

बाबा तुरंतनाथ धाम तेंन्धुआ मंदिर पर धनुष यज्ञ मेला मे पंचम  दिवस के अवसर पर धनुष यज्ञ के साथ मेले का समापन
LAKHIMPUR KHERI NEWS:  गोला तहसील क्षेत्र के गाँव कपरहा के मजरा तेन्धुआ मन्दिर पर पौराणिक धनुष यज्ञ मेले  आयोजन किया जा रहा है जिसमे दिनांक सात अक्टूबर को समापन के अवसर पर कलाकारो के द्वारा धनुष भंग की लीला का मंचन किया गया।
सीता स्वयंवर के लिये राजा जनक
ने यह शर्त रखी कि जो इस भगवान भोले नाथ के धनुष भंग करेगा उसके साथ सीता का विवाह होगा।इस स्वयंवर को सुनकर देश विदेश के राजा जनकपुर को प्रस्थान करने लगे, अपने गुरू विश्वामित्र के रात राम लक्ष्मण भी सीता स्वयंवर मे पधारे,जव स्वयंवर का आयोजन किया गया उस समय दर्जनो राजाओं ने उस धनुष को उठाना चाहा लेकिन कोई उस धनुष को नही उठा सका, अन्त मे विश्वामित्र के आदेश लेकर उस धनुष को भगवान राम भंग दिया और सीता का राम के साथ विवाह हो गया। इस लीला को देखकर दर्शक भावविभोर हो गये। इस अवसर पर आयोजक उमा शकर मिश्र, ललुआ सेठ, मेला कमेटी के अध्यक्ष कमलेश शुक्ला व कोषाध्यक्ष राजू वर्मा,राधेश्याम वर्मा,गौरव शुक्ला,लालता प्रसाद पुजारी, आशाराम शुक्ला,तिलक राम,मुनेश दिक्षित, सहित तमाम लोग मौजूद रहे।