गंजे शहीदां में एक एक कर दफ्न हुए शोहदाए करबला के ७२ ताबूत
PRAYAGRAJ NEWS: दरियाबाद के इमामबाड़ा जद्दन मीर साहब से ग़मज़दा माहौल में करबला के बहत्तर शहीदों के ताबूत ,झूला हज़रत अली असग़र, मछली शहर का चालीस फिट ऊंचा विशाल पंजे और सफेद फरैरे का अलम ,ज़ुलजनाह व अमारी निकाली गई। अन्जुमन खुद्दामे मोजिज़नुमा के अध्यक्ष व आयोजक एडवोकेट रज़ा हसनैन उपाध्यक्ष सैय्यद अज़ादार हुसैन की देखरेख में मौलाना सैय्यद इंतेज़ार आब्दी ने एक एक शहीदों का विस्तार से परिचय सुनाया फिर सिलसिलेवार ताबूत काले पंडाल से निकल कर लोगों की ज़ियारत को लाए गए।नजीब इलाहाबादी के संचालन में मातमी अन्जुमनो ने एक के बाद एक तरतीब से नौहाख्वानी की। अन्जुमन के सह मीडिया डायरेक्टर सैय्यद मोहम्मद अस्करी के अनुसार मास्टर ग़ज़नफर अली ने ऊंट पर बैठ कर मुनादी की तो महमूदाबाद स्टेट की अन्जुमन हैदरी ने दफ्न शोहदा ए करबला की दर्दअंगेज़ मंज़रकशी की। अन्जुमन सज्जादिया, अन्जुमन सिदक़े ज़हरा करारी कौशाम्बी के मशहूर नौहाख्वान हमूद रिज़वी, अन्जुमन असग़रिया क़दीम मंझनपूर, अन्जुमन अब्बासिया दांदूपूर, अन्जुमन अब्बासिया बांदा, अन्जुमन गुलज़ार ए क़ासमी के साथ साथ अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया अपने परचम को लेकर बाहर मैदान तक लाई वहां से साढ़े चार सौ सदस्यों के साथ दरियाबाद क़ब्रिस्तान पहुंच कर दफ्न शोहदाए कर्बला का दर्दअंगेज़ मंज़र में शामिल हुई। अन्जुमन नक़विया ने क़ैदखाना ए शाम के मंज़र को दर्शाते हुए पंडाल के बाहर नौहाख्वानी की तो अन्जुमन मोहाफिज़े अज़ा क़दीम दरियाबाद के नौहाख्वान हज़रत मासूम अली असग़र के झूला लेकर क़ब्रिस्तान पहुंचे। जुलूस में देश भर से लाखों अक़ीदतमन्दों ने दफ्न ए शोहदाए कर्बला में शिरकत करते हुए पुरसा पेश किया।







