SIDHARTHNAGAR NEWS: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बढ़नी कस्बे में सरकारी जमीनों पर कब्जे का काला खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। वेशकीमती जमीनों को टुकड़ों में बांटकर मालामाल होने की फिराक में लगे कथित भू-माफियाओं ने अब नगर पंचायत की सुरक्षित आबादी वाली भूमि को अपना निशाना बनाया है। रविवार को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के गुपचुप तरीके से किए जा रहे अवैध निर्माण पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार करते हुए काम रुकवा दिया। पूरा मामला ग्राम मुड़िला शहरी के गाटा संख्या-3 से जुड़ा है, जो राजस्व अभिलेखों में आबादी श्रेणी-6(2) के रूप में दर्ज है। नो-मैन्स लैंड से सटी इस करीब 1.126 हेक्टेयर (9 बीघा) भूमि को लेकर नगर पंचायत चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने पूर्व में ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भू-माफियाओं के मंसूबों से अवगत कराया था। पिछले वर्ष तहसील प्रशासन की दखल के बाद यह मामला शांत हो गया था, लेकिन रविवार को भू-माफियाओं ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र को चुनौती देते हुए चोरी-छिपे प्लाटिंग शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अधिकारी अजय कुमार ने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की। उन्होंने मौके पर नगर पंचायत की टीम भेजकर न केवल अवैध प्लाटिंग को रुकवाया, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को लेकर सख्त हिदायत भी दी। सीमावर्ती क्षेत्र में सरकारी जमीन को हड़पने की इस कोशिश ने स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर भारी चर्चा बनी हुई है।







