Home उत्तर प्रदेश आयुर्वेद वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा के साथ संपूर्ण विश्व की आवश्यकता

आयुर्वेद वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा के साथ संपूर्ण विश्व की आवश्यकता

KAUSHAMBI NEWS: चंद्रशेखर सिंह पी आयुर्वेद संस्थान कोई लहा में रविवार को नवप्रवेशित बीएएमएस सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों का वालेडिक्टरी फंक्शन ऑफ ट्रांजिशनल करिकुलम 2025 आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन व रक्षासूत्र बंधन से  “शिष्योपनयन संस्कार” के साथ किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी पूर्व कुलपति काशी हिन्दू विश्वविध्यालय मुख्य अतिथि व  प्रो एच के सिंह प्राचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशांबी व वैद्य प्रेम शंकर पाण्डेय वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक और विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय चिकित्सक प्रकोष्ठ सह प्रभारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने दीपप्रज्वलन के उपरांत व्हाइट कोट सेरेमनी कार्यक्रम शुभारंभ किया।  इस अवसर पर अतिथियों के साथ संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह ने नवप्रवेशित छात्र/छात्राओं को एप्रन पहनाकर व्हाइट कोट सेरेमनी संपन्न कराई। इस अवसर पर सभी नवप्रवेशित छात्र/छात्राओं को चरक प्रतिज्ञा का वाचन कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि आयुर्वेद सिर्फ भारतीय चिकित्सा व्यवस्था ही नहीं बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम” की अवधारणा के साथ संपूर्ण विश्व की आवश्यकता है, ऐसे में नवागंतुक छात्रों को अपने विषय को और अधिक गहनता पूर्वक पढ़ना और समझना होगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. एच केसिंह ने कहा कि आयुर्वेद के छात्र अपने विषय को गंभीरता से अध्ययन करें और उन्हे अन्य चिकित्सा पद्धतियों से तुलना करने की आवश्यकता नहीं हैं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वैद्य प्रेम शंकर पाण्डेय जी ने आयुर्वेद के छात्रों व चिकित्सकों को आयुर्वेद की निदान एवं चिकित्सा पद्धति अपनाने पर जोर दिय. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के संरक्षक प्रोफेसर एस एन सिंह ने की और उन्होंने नवागंतुक छात्रों को आयुर्वेद में विश्वास रख कर पूरी मेहनत के साथ शिक्षा ग्रहण करने में प्रयासरत रहने के लिए कहा। इस अवसर पर संस्थान के छात्र/छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए । ट्रांजिशनल करिकुलम कार्यक्रम  के संयोजक डा अमित सिंह ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बाबू युगराज सिंह आयुर्वेद कालेज के उपप्रधानाचार्य, प्रोफेसर डा शैलेन्द्र सिंह सेंगर, उपप्रधानाचार्य प्रो. प्रभात कुमार तिवारी, प्रो. शिल्पा कान्त द्विवेदी, प्रो.नगेन्द्र मणि द्विवेदी, डॉ. सुधीर कुमार सिंह, डॉ. अलका गुप्ता, डॉ. मालविका जी. टी., डॉ अमिताभ दरीपा, डॉ. के. के. सिंह, डॉ.राजीव कुमार सिंह सहित संस्थान के समस्त शिक्षक, चिकित्सक व  छात्र छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.नरेन्द्र कुमार पाण्डेय व  डा.  दिव्यानी सोनी ने किया ने किया।