FATEHPUR NEWS: हथगाम कस्बा के सद्दाम नगर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आमदे रसूल के मौके पर जलसे का आयोजन किया गया जिसमें मौलाना कमालुद्दीन तथा मौलाना अय्यूब मंझनपुरी ने तकरीर की और नातिया कलाम पेश किया। प्यारे नबी की आमद पर तकरीर से पहले नातिया कलाम पेश किया गया। कारी शमशाद, कारी अब्दुर्रहमान, मौलाना रियाज, मौलाना इमरान, मौलाना वसीम, हामिद साहब आदि ने कलाम पेश किया। सद्दाम नगर के नौजवानों व बच्चों ने दिन रात मेहनत करके सद्दाम नगर को रंग बिरंगी लाइटों से सजाने का काम किया। बड़ी तादात में जलसे में दूर-दूर से आए अकीदतमंदों के लिए कमेटी के नौजवानों ने लंगर का इंतजाम किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे जिनमें खवातीन भी शामिल रही हैं।
प्यारे नबी की आमद पर जलसा आयोजित किया गया जिसमें तकरीर के पहले नातिया कलाम पेश किए गए कारी शमशाद, कारी अब्दुर्रहमान, मौलाना रियाज बंदीपुर, मौलाना इमरान, मौलाना वसीम, हामिद भाई आदि ने कलाम पेश करते हुए कहा कि “रबी-उल नूर आया, ये कैसा शोर है, ये किसकी आमद का उजाला है, मेरे लब पर तराना है,रबी उल नूर आया है, मेरा दिल जिगर जिस पे कुर्बान है, मेरी मां मेरी जान है, मेरी आखिरत का तो सामान है, मेरी मां मेरी जान है जैसे कलाम पेश किए गए हैं। नबी ने सहाबा को अपने दिखाकर, हलीमा के कदमों में चादर बिछाकर, बताया है मां परेशान है, मेरी मां मेरी जान है, क्या कोई समझे भला रुतबा मेरे सरकार का, है कलामे पाक में चर्चा मेरे सरकार का, रब ने चाहा तो किसी रमजान में अम्मी के साथ, जाऊंगा मैं देखने रौजा मेरे सरकार का, यूं रजा ने कर दिया चर्चा मेरे सरकार का आदि कई नातिया कलाम पेश किए गए। मौलाना कमाल उद्दीन ने तकरीर में फरमाया कि नबी ने जिंदगी जीने का सलीका सिखाया, उनका तरीका अपना कर जिंदगी गुजारी जाए तो दुनिया भी और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल होगी। इसीलिए अल्लाह ने अपने महबूब को इंसान बनाकर इस दुनिया में भेजा ताकि उनके उठने-बैठने, चलने-फिरने, खाने-पीने और जिंदगी के तमाम कामों को उनकी सीरत को देखकर करें इसी में कामयाबी है। इस दौरान पूर्व प्रधानाचार्य महमूदुल हसन, प्रधानाचार्य हसरत मोहानी स्कूल हफीजुल हसन, अनवार अहमद, हसनू मियां, गुफरान अहमद, अब्दुल फारूक, माशूक जग्गा, गुड्डू बकरकसा, बबलू कुरैशी, शानू कुरैशी, सफी लाला, आबिद हुसैन, फखरुल हसन, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद आफान, मोहम्मद अरबाज, मो.तुफैल, मोहम्मद शहजाद, मो.सैफ, मोहम्मद चांद, मोहम्मद हन्नान आदि अनेक लोग मौजूद रहे।







