Home आस्था आत्मनिर्भर महिलाएं ही देश के अर्थव्यवस्था की नींव बनेगीं

आत्मनिर्भर महिलाएं ही देश के अर्थव्यवस्था की नींव बनेगीं

सीबीआई द्वारा लगभग 70 लाख रुपए का ऋण हुआ वितरित   KUSHINAGAR NEWS: देश की आधी आबादी के स्वालंबी बनने से ही आर्थिक और सामाजिक क्रांति को बल मिल सकता है। ऐसे में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना भविष्य के आर्थिक नियोजन को मजबूती देना है। यह बातें सेंटल बैंक के एजीएम गजेन्द्र सिंह चौहान ने कही। वह रुदवलिया स्थित सेंट्रल बैंक महुअवा बुजुर्ग में स्वयं सहायता समूह, क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक सपहा एवं सेंट्रल बैंक महुअवा बुजुर्ग की 16 स्वयं सहायता समूह की 160 महिलाओं में 70 लाख रुपए का ऋण वितरित करते हुए चौहान ने महिलाओं कोआत्मनिर्भरता व नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं ब्यूटीपार्लर, पशुपालन, सिलाई बुनाई आदि को अपना आर्थिक आधार बनाएं। विशिष्ट अतिथि जिला प्रबंधक कुशीनगर संतोष कुमार ने कहा कि जब तक देश की महिलाएं आत्मनिर्भर नहीं होगी, भारत आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। भारत की नारी शक्ति हमारी पूंजी है। सरकार एवं बैंक प्रबंधन महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कई योजनाओं पर काम कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम को मुख्य प्रबंधक गोरखपुर उत्कर्ष तिवारी एवं बैंक कैशियर रामसूचित प्रसाद,स्वयं सहायता समूह से जुड़ी मीरा देवी,कमलावती देवी,उर्मिला एवं जमीला खातून ने भी संबोधित किया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन से हुआ। कार्यक्रम संचालन शाखा प्रबंधक महुववा बुजुर्ग सौरभ कुमार ने किया।इस दौरान विकास सैनी, सदानंद सिंह, नंदनी, सोनू मद्धेशिया, ललन यादव, दीपक मद्धेशिया, अविनाश सिंह, सच्चिदानंद केसी यादव मौजूद रहे।